RSS और Modi सरकार मिलकर बना रही है ये प्लान?
सरकार टेंपोरेरी नहीं परमानेंट इलाज़ के मूड में है. 20 जुलाई से 6 अगस्त शाम 7 बजे तक जो हुआ , सब नोट हो चुका है. प्रॉब्लम पता है, डायग्नोसिस पर काम चल रहा था. अब इलाज़ यानि Solution की तरफ फैसले लिए जाएंगे.
- फैसले सरकार के अंदर भी लिए जाएंगे, पार्टी के अंदर भी और फिर बाहर के लिए भी. एक टॉर लेवल का सोर्स “अच्छा हुआ 20 जुलाई 2026 को ऐसा हुआ, अगर यही घटना 20 जुलाई 2028 या 20 जनवरी 2029 को होती तो क्या करते…ज्यादा नुकसान हो जाता”
- सरकार, सिस्टम और संघ तीनों “जंतर-मंतर” से बहुत कुछ सीखना चाहता है. आंखें मूंद लेने से या इसे बस एक पुरानी याद मान लेने के मूड में कोई नहीं है. सोशल मीडिया पर या कैमरे पर कोई कुछ भी कहे. अंदर-अंदर ये माना जा रहा है कि एजुकेशन, जॉब्स, कम्युनिकेशन (इंस्टाग्राम एंड WhatsApp) प्रॉब्लम एरिया है.
- आपने नोटिस किया होगा, कांग्रेस का पूरा सोशल मीडिया डिपार्टमेंट महंगे लोगों को रखकर AI जेनरेटेड वीडियो बनवाता है. एकदम छोटे से font में AI GENERATED लिखता है लेकिन उसमें मोदी और अमित शाह की बातचीत दिखाई जाती है. मनमुताबिक स्क्रिप्ट घुसा दी जाती है. आवाज़ एकदम सेम टू सेम निकाली जाती है. ऐसे वीडियो इंस्टाग्राम और WhatsApp पर खूब चलते हैं.
- पहले कदम में फैसला हो गया है, तीन घंटे के अंदर वीडियो हटाने होंगे. अब तीन दिन नहीं मिलेंगे. बहाना भी नहीं चलेगा. अगर सोशल मीडिया कंपनी नहीं सुनेगी तो अफसर जेल भेज दिए जाएंगे.
मुंबई में प्रशांत किशोर
Explainer: CJP और BJP की ‘फिक्स मैच’ का असली खिलाड़ी कौन?
SP, Congress के बीच 10 फॉर्मूला तय, अखिलेश, प्रियंका, प्रशांत किशोर ने बनाई ये रणनीति!
अगस्त शाम 6 बजे के बाद : प्रशांत किशोर पटना में चुनाव जीतने के बाद अचानक मुंबई क्यों पहुंचे? प्रशांत विधायक के साथ साथ अब नेताओं को चुनाव जीतने के Tips भी देंगे? क्या प्रशांत किशोर NDA की ही एक पार्टी की सीनियर लीडर की हेल्प करेंगे ?
- मुंबई में उपमुख्यमंत्री का बंगला: देवगिरी: डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार अपने बेटे पार्थ पवार के साथ एक Important मेहमान का इंतजार करह रहीं थी. बिना किसी सिक्योरिटी के ताम-झाम के सिंगल कार में सिर्फ एक गेस्ट की एंट्री हुई. बंगले के अंदर के भी बहुत लोगों को नहीं पता था, कौन आने वाला है. प्रशांत किशोर को कार से उतरते देख सब चौंक गए.
- एनसीपी की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार से प्रशांत किशोर की लंबी मुलाकात हुई. प्रशांत पूरी तैयारी के साथ आए थे. अजित पवार के वक्त एनसीपी ने नरेश अरोड़ा की कंपनी डिजाइन बॉक्स को हायर किया था. नरेश अरोड़ा का नाम एनसीपी के ही एक पावरफुल लीडर ने सुझाया था. लेकिन अब सुनेत्रा और पार्थ पवार को नई एजेंसी चाहिए. एनसीपी के अंदर भी उठापटक चल रही है. किस पर भरोसा करें और किस पर नहीं ये संकट है. कुल मिलाकर पटना में बीजेपी के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का इस्तीफा मांगने वाले प्रशांत किशोर पर महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को अपनी पार्टी के सीनियर नेताओं से ज्यादा भरोसा होने लगा है.
- प्रशांत डायरेक्ट कोई डील नहीं करेंगे. वो सिर्फ सलाहकार की भूमिका में होंगे. एक और एजेंसी से डील फाइनल हो चुकी है. ये एजेंसी प्रशांत किशोर ने ही सजेस्ट की थी. सबसे ज़्यादा कंफ्यूज को बीजेपी की विरोधी पार्टियां हो जाएंगे. कहां वो प्रशांत किशोर को अपना कंस्लटेंट बनाना चाहती थीं. और अब प्रशांत एनडीए की ही एक पार्टी के सलाहकार बन गए हैं.


























