Advertisement

SP, Congress के बीच 10 फॉर्मूला तय, अखिलेश, प्रियंका, प्रशांत किशोर ने बनाई ये रणनीति!

SP, Congress, Akhilesh Yadav, Priyanka Gandhi, Rahul Gandhi

उत्तर प्रदेश की सियासत में सियासी महाभारत शुरू. सभी दल अपने तरकश से सियासी तीर छोड़ रहे हैं. आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू. यूपी में बड़ा सियासी समीकरण बन गया है. बीती रात राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुत बड़ा अनौपचारिक फैसला हो गया है. Inside BJP: Action, Reaction, Selection अमित शाह ले रहे हैं नेताओं का ‘इंटरव्यू’!

  1. यूपी का चुनाव मिलकर लड़ेंगे .
  2. करीब करीब 2017 वाला फ़ॉर्मूला सीट बंटवारे में रहेगा
  3. यूपी के इस गठबंधन में 2017 वाली टीम ही काम करेगी . अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी बात करेंगे .
  4. इमरान मसूद जैसे नेताओं को चुप रहने के लिए कहा गया है
  5. ओवैसी से कोई अलायंस नहीं होगा . मतलब ओवैसी अपने दम पर
  6. चंद्रशेखर की पार्टी से अलायंस चाहती है कांग्रेस
  7. अखिलेश की आवश्यकता ब्राह्मण वोट की है . उत्तर भारत के बड़े राज्यों में सबसे ज़्यादा ब्राह्मण वोटर यूपी में है . बिहार से चार गुना ज़्यादा . क़रीब दस से 12 परसेंट
  8. ब्राह्मण वोटों की वजह से ही PDA मतलब पंडित/पिछड़ा…दलित अल्पसंख्यक
  9. प्रशांत किशोर 2017 में इस टीम को चुनाव लड़वा रहे थे . अखिलेश चाहते हैं अनौपचारिक तौर से ही सही प्रशांत किशोर मदद करें . I-PAC से क़रार खत्म हो चुका है . बीच चुनाव बंगाल में I-PAC पर रेड पड़ी थी . फिलहाल उसकी दुकान बंद है . प्रशांत काग़ज़ से मजबूत हैं . ED अब तक इन पर रेड नहीं कर पाई है . इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है . मतलब ये टिकाऊ हैं , भागेंगे नहीं. बांकीपुर जीतकर प्रशांत भी ब्राह्मण नेता बनना चाहते हैं . अखिलेश को ब्राह्मण नेता और रणनीतिकार दोनों मिल जाएगा. कांग्रेस वाले प्रमोद तिवारी के पास बहुत लिमिटेड वोट है .
  10. सपा बंगाल जैसी गलती नहीं करना चाहती . TMC से उलट सपा अपने लोकल लीडर्स को पूरा तवज्जो देगी . टिकटों का एलान भी सबसे पहले कर देगी . अयोध्या से शुरुआत हो चुकी है
  11. 20 साल बाद कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन, क्यों मच गया हंगामा?
राहुल गाँधी व प्रियंका गाँधी की फाइल फोटो