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गहरी साजिश: प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक शिष्य की आत्महत्या?

प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के ‘श्री राधा केली कुंज आश्रम’ में एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर हुई इस मौत के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। मृतक की पहचान जबलपुर (मध्य प्रदेश) निवासी रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी के रूप में हुई है।

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क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?

इस घटना के बाद परिजनों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, उनका आरोप है कि उन्हें न तो समय पर सूचना दी गई और न ही मिलने दिया गया। मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब घटनास्थल से खून से सना कटर मिलने और प्राइवेट पार्ट कटे होने की बात सामने आई।

अध्यात्म और भक्ति की नगरी वृंदावन में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब संत प्रेमानंद जी महाराज के बेहद चर्चित ‘श्री राधा केली कुंज आश्रम’ से एक साधु वेशधारी शिष्य की मौत की खबर सामने आई। आश्रम की इमारत की चौथी मंजिल से गिरकर शिष्य की जान चली गई।

मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी के रूप में हुई। पहली नज़र में मामला ऊंचाई से गिरकर मौत का लग रहा था, लेकिन जैसे ही परिजन वृंदावन पहुंचे, इस मामले ने एक सनसनीखेज मोड़ ले लिया। मृतक के परिवार ने सीधे तौर पर आश्रम प्रशासन और व्यवस्थाओं पर संगीन आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जब से दीपक वृंदावन आए थे, उनसे कोई सीधी बातचीत नहीं करने दी गई। इतना ही नहीं, घटना घटने के बाद भी उन्हें काफी देर से खबर दी गई और शव से मिलने तक में अड़चनें आईं।

एसपी सिटी राजीव कुमार के अनुसार, शुरुआती तौर पर यह मामला चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या (सुसाइड) का प्रतीत होता है।

लेकिन इस पूरे मामले में सबसे खौफनाक और संदिग्ध मोड़ तब आया, जब घटनास्थल से एक खून से सना कटर बरामद हुआ। दावा किया जा रहा है कि मृतक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। अब सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या प्राइवेट पार्ट खुदकुशी से पहले काटा गया, या फिर इसके पीछे किसी दूसरे शख्स का हाथ है? आखिर खून से सना कटर मौके पर कैसे पहुंचा?

उधर, आश्रम में शिष्यों के बीच आपसी अनबन और हाल के दिनों में कुछ साधकों के आश्रम छोड़ जाने की चर्चाएं भी तेजी से चल रही हैं। पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मानकर तफ्तीश कर रही है, लेकिन परिजनों के आरोप और फॉरेंसिक साक्ष्य कई ऐसे अनसुलझे सवाल छोड़ रहे हैं जिनका जवाब आना अभी बाकी है।

भक्ति के केंद्र में हुई इस संदिग्ध मौत ने कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर सूचना न देना, खून से सना कटर मिलना और संदिग्ध हालात—इन तमाम पहलुओं ने पुलिस की तफ्तीश को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अब देखना होगा कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद इस पूरी मिस्ट्री से पर्दा कब तक उठता है।