BJP में अब बड़ा बदलाव होने वाला है. बीजेपी आलाकमान मतलब गृहमंत्री अमित शाह (BJP, Amit shah) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब एक्शन, रिएक्शन और सिलेक्शन की तैयारी में जुटे हुए हैं. सरकार और संगठन के लिए प्रतिदिन अमित शाह नेताओं से मिल रहे हैं. कौन संगठन में रहेगा और कौन सरकार में इसकी लिस्ट बन रही है. यूं कहें कि अमित शाह लगातार इंटरव्यू ले रहे हैं. मानसून सत्र में पहली बार सरकार पर विपक्ष भारी आम जनता के बीच दिखा है. आलाकमान के स्तर पर दो बातें क्लियर हो गई हैं. पार्टी नेता और सरकार युवाओं को अपनी बातें समझा नहीं पा रही हैं. अर्थात् कम्युनिकेशन स्तर पर कुछ दिक्कत है. युवा और सवर्ण पार्टी से खफा हैं. यूजीसी का मामला अब सरकार ठंडे बस्ते में डालने में जुटी हुई है.
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एक्शन और रिएक्शन
राम मंदिर पर कांग्रेस और सपा बहुत शोर मचा रही है. रोज़ चढ़ावा चोर का हल्ला मचता है. रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव पूरे एपिसोड के मैनेजर हैं. टीन के आठ डिब्बे रोज़ लाते हैं. उसे संसद परिसर में सजाते हैं. “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” की तख्तियां लगाते हैं और फिर नारे शुरू हो जाते हैं. संसद में हर सुबह यही होता है. डिंपल यादव इस पूरे सीरीज की डायरेक्टर हैं और धर्मेंद्र यादव कॉर्डिनेटर. सपा के सांसदों ने करीब 85 हजार रुपया अभी तक जमा कर लिया है. संसद सत्र खत्म होने के बाद ये चढ़ावा कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में चढ़ाया जा सकता है.
दबने का नहीं लड़ने का प्लान
बीजेपी अब राम मंदिर पर झुकने को नहीं लड़ने को तैयार है. आज सुबह राज्यसभा में जबरदस्त सीन देखने को मिला. सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का मौका दिया गया. और वे सीधा ‘राम मंदिर’ पर आ गए. खरगे के ठीक पीछे बैठे थे जयराम रमेश और पवन खेरा. उनकी नज़र खरगे पर नहीं संसद टीवी के मॉनिटर पर थी. वे ये देख रहे थे कि खरगे की बात, खरगे का चेहरा टीवी पर दिखाया जा रहा है या नहीं. ताकि जल्दी जल्दी अपनी बात वे कह लें और बाद में कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम क्लिप काट कर घुमा सके. बीजेपी भी आज कम नहीं थी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू धर्म से बौद्ध हैं लेकिन आज वे लड़े. दोपहर 11 बजकर 12 मिनट पर किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों को डांटा. उनसे कहा कि आप माफी मांगिए. कांग्रेस ने भगवान राम के बारे में क्या-क्या नहीं कहा. कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. चार मिनट तक जबरदस्त हंगामा. 11 बजकर 16 मिनट पर सीन देखने वाला था. बीजेपी के 50 से ज़्यादा सांसद खड़े हो गए. कांग्रेस और सपा के करीब-करीब सारे सांसद वेल की तरफ आ गए. आमने-सामने हल्लाबोल की नौबत आ गई.
उपचुनाव खत्म हो गए. रिजल्ट जो आना था आ गया. अब बीजेपी अगले राउंड की तैयारी कर रही है. इसलिए संसद और यूपी विधानसभा में भी “दबने का नहीं लड़ने” का मैसेज है. राम मंदिर पर बीजेपी एक एक विपक्षी नेता का बयान निकाल रही है. जुलाई में डिफेंसिव बीजेपी अगस्त में ऑफेंसिव दिखेगी.


























