Ramadan2026: इस्लाम धर्म में रमजान को सबसे पवित्र महीनों में गिना जाता है. दुनियाभर के मुसलमान इस महीने में रोजा रखते हैं, नमाज पढ़ते हैं और नेक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, लेकिन आखिर रमजान को इतना खास क्यों माना जाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे के धार्मिक और आध्यात्मिक कारण.
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कुरआन का अवतरण
इस्लामिक मान्यता के अनुसार पवित्र ग्रंथ क़ुरआन का अवतरण रमजान के महीने में हुआ था, इसलिए यह महीना अल्लाह की रहमत और हिदायत का प्रतीक माना जाता है.
रोजा आत्मसंयम और इबादत का समय
रमजान में सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखा जाता है, इससे इंसान को सब्र, आत्मसंयम और अनुशासन सीखने का मौका मिलता है, साथ ही अल्लाह के करीब होने का एहसास होता है.
शबे क़द्र की खास रात
रमजान के आखिरी अशरे में आने वाली “शबे क़द्र” को बेहद पवित्र माना जाता है, मान्यता है कि इस रात की इबादत हजार महीनों से बेहतर होती है.
दान और सेवा का महत्व
रमजान में जकात और सदका देने की परंपरा है, जरूरतमंदों की मदद करना और नेक काम करना इस महीने का अहम हिस्सा माना जाता है.
आत्मशुद्धि और नई शुरुआत
रमजान को आत्मा की सफाई और गलतियों से तौबा का महीना माना जाता है, इस दौरान लोग बुरी आदतों को छोड़कर अच्छे रास्ते पर चलने की कोशिश करते हैं.
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