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Coaching माफियाओं का नया अड्डा बन रहा है Delhi का ये इलाका

Delhi Mukherjee Nagar Coaching News: पढ़ाई और दवाई आम जनता के लिए सस्ती होनी चाहिए. लोकतंत्र में जनहित का सबसे महत्वपूर्ण काम यही माना जाना चाहिए. लेकिन अस्पताल माफिया, कोचिंग माफिया देश के लोकतंत्र के मंदिर के नाक के नीचे अपना साम्राज्य लगातार फैला रहे हैं. Mukherjee Nagar Coaching माफियाओं ने लाखों जिन्दगियां तबाह कीं. कई बच्चों की जान गई. आज भी हजारों बच्चों के जीवन से लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं.

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यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक के स्टूडेंट यहां आते थे. कोचिंग सेंटर में रहकर यूपीएससी समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे. अब इसी मुखर्जी नगर में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया है. 60% पीजी खाली चल रहे हैं. जबकि 60% कोचिंग सेंटर खाली चल रहे हैं. खोजने पर भी स्टूडेंट नहीं मिल रहे हैं. स्टूडेंट को लाने के लिए हर कोचिंग सेंटर ने सड़कों पर दलालों को तैनात कर दिया है.

कलक्टर बनाओ अभियान, झांसे की दुकान के स्वरुप में बदल चुके Coaching माफिया अब करोल बाग में शिफ्ट हो गए हैं. जिस वजह से जो स्टूडेंट मुखर्जी नगर जाते थे. वो भी अब करोल बाग में ही इन कोचिंग सेंटर्स में एडमिशन ले रहे हैं. साथ ही पढ़ाई कर रहे हैं. 2024 से लेकर 2026 तक मुखर्जी नगर में लगातार कोचिंग सेंटर बंद होने का सिलसिला शुरू हो चुका है. जबकि करोल बाग में नए कोचिंग सेंटर लगातार अब खुल रहे हैं.

मुखर्जी नगर से कोचिंग सेंटर बंद होने का एक कारण यह है कि वहां पर जगह कम होने की वजह से कोचिंग सेंटर्स बेसमेंट में चल रहे थे और फिलहाल बेसमेंट में कोचिंग सेंटर ना चलाने का निर्देश होने पर मुखर्जी नगर के ज्यादातर कोचिंग सेंटर बंद होने लगे थे. यही नहीं, इसका एक कारण एक्सपर्ट यह भी मान रहे हैं कि अब हर एक इलाके में और हर एक राज्य में बड़े कोचिंग सेंटर से यूपीएससी समेत इंजीनियरिंग तक की तैयारी करवा रहे हैं. इसलिए लोग मुखर्जी नगर नहीं आना चाहते हैं. जबकि करोल बाग और राजेंद्र नगर में जो स्टूडेंट हैं. वह आसपास के ही रहने वाले हैं.

क्या करोलबाग में कोचिंग माफियाओं पर प्रशासन की नजर है?

क्या बच्चों की जान खतरे में नहीं हैं, क्या प्रशासन ने पड़ताल किया कि कुकुरमुत्ते की तरह उग आए ये कोचिंग माफिया क्लासरूम से लेकर बिल्डिंग कानूनी पैमाने पर बना रहे हैं. या प्रशासन इंतज़ार कर रहा है किसी बड़ी अनहोनी की.