अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि कृष्णा अल्लावरू एवं राजेश राम के कृत्यों की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। समर्पित कांग्रेसियों का दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया। एआईसीसी के प्रतिनिधि मनीष चतरथ जी ने आकर सभी प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि आपलोगों की बात सुनी जाएगी । फिर भी कृष्णा अल्लावरू एवं राजेश राम ने 29 नेताओं को नोटिस जारी कर दिया। यह एक घिनौनी हरकत है। हमलोग अपने घर अपने अभिभावकों के समक्ष अपनी मांगों को लेकर गये थे, जो कहीं से भी गलत नहीं है। अगर हमारी शिकायत इन्हीं दोनों नेताओं को विरुद्ध है तो हम कहाँ जायेगें? आलाकमान के पास ही जायेंगे ना, उनसे समय लेने? दरअसल ये लोग बिहार कांग्रेस को कांग्रेसी मुक्त करने का बयाना ले चुके हैं और वही काम कर रहे हैं । पर ये भूल जाते हैं कि समर्पित कांग्रेसजनों को इसका भय नहीं है।
इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तर्जनी देखि मरि जाहीं॥
हमारे नेता ने कहा है ड़रो मत, हम सच की लड़ाई , न्याय की लड़ाई पूरी ताक़त से लड़ेंगे और हमें न्याय मिलेगा, यह विश्वास है।
इनके नोटिस से दो बातें स्पष्ट हो गई-
पहला कि ये ड़रे हुए है एवं दूसरा कि इन्होंने स्वीकार किया कि इनके ख़िलाफ़ कई पूर्व विधायक, पूर्व ज़िलाध्यक्ष एवं राज्य के बड़े नेता हैं। सच तो यह है कि इनके ख़िलाफ़ बिहार का हर सच्चा कांग्रेसी है। सत्ता मद में ये भूल जा रहे हैं कि जब रावण का अहंकार नहीं रहा तो ये किस खेत की मूली है।ना तो इनके पास अपनी ज़मीन है और ना ज़मीर । बेशर्मी की हद तो ये कब पार कर चुके हैं ।
हमारी लड़ाई जारी रहेगी, न्याय मिलने तक.


























