HolikaDahan: फाल्गुन पूर्णिमा की रात होने वाला होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि होलिका दहन से पहले विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है, इसलिए होलिका दहन से पहले कुछ जरूरी पूजन जरूर करना चाहिए.
क्यों की जाती है होलिका पूजन?
पौराणिक कथा के अनुसार, भक्त प्रह्लाद को जलाने की कोशिश में होलिका स्वयं अग्नि में भस्म हो गई और भगवान भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए. इसी कारण होलिका दहन से पहले पूजा कर अच्छाई की जीत और परिवार की रक्षा की कामना की जाती है.
होलिका दहन से पहले करें ये पूजा
होलिका की सफाई और सजावट करें – लकड़ी, उपले और सूखी घास से होलिका तैयार करें.
पूजा सामग्री रखें – रोली, चावल, नारियल, हल्दी, गुलाल, फूल, माला, जल और गुड़ रखें.
परिक्रमा करें – परिवार के साथ 3 या 7 बार होलिका की परिक्रमा करें.
अक्षत और रोली चढ़ाएं – होलिका को तिलक लगाकर नारियल और मिठाई अर्पित करें.
दीपक जलाएं – होलिका के पास दीपक जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करें.
मंत्र या प्रार्थना करें – परिवार की रक्षा और नकारात्मकता दूर होने की प्रार्थना करें.
पूजा करने का लाभ
घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है, रोग और बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में खुशहाली और शांति बढ़ती है, बुरी नजर और नकारात्मकता से रक्षा होती है.
ध्यान रखने वाली बातें
भद्रा काल में होलिका दहन न करें, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखें, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं.
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