AmlakiEkadashi2026: फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को आने वाली आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है. इस दिन व्रत के साथ आंवले के पेड़ की पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, मान्यता है कि इस पूजा से भगवान भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है, आइए जानते हैं कि आमलकी एकादशी पर आंवले के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है और इसका क्या महत्व है.
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आंवले के पेड़ में देवताओं का वास माना जाता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का निवास होता है, इसलिए इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है.
आमलकी एकादशी की कथा से जुड़ा महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार एक राजा ने आमलकी एकादशी का व्रत और आंवले की पूजा की थी, जिससे उसके राज्य में सुख-शांति और समृद्धि आई, तभी से यह परंपरा शुरू हुई.
पापों से मुक्ति की मान्यता
कहा जाता है कि आमलकी एकादशी पर आंवले के पेड़ के नीचे पूजा करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग आसान होता है.
कैसे करें आंवले के पेड़ की पूजा?
सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें, आंवले के पेड़ पर जल, रोली और चावल चढ़ाएं, दीपक जलाकर परिक्रमा करें, भगवान विष्णु का मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.
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