मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र में आयोजित भव्य किसान सम्मेलन में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत की मौजूदगी से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। सम्मेलन में सैकड़ों किसान, ग्राम प्रधान और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान राकेश टिकैत ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि किसानों से किए गए वादे आज भी अधूरे पड़े हैं, जिसका खामियाजा किसान लगातार भुगत रहा है।
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किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि वर्ष 2021 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक MSP को कानूनी रूप नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, जहां के किसान गन्ना, गेहूं, धान समेत कई फसलों का उत्पादन करते हैं, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत का सही दाम नहीं मिल पा रहा है।
राकेश टिकैत ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक MSP को कानूनी गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसान एक बार फिर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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प्रयागराज प्रकरण पर प्रतिक्रिया
राकेश टिकैत ने प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं। पुलिस-प्रशासन से इस मामले में बात की गई है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए संयम और समझदारी जरूरी है। टिकैत ने यह भी कहा कि फिलहाल प्रयागराज में शांति बनी हुई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

दलित बच्चों पर मुकदमों का मुद्दा
14 वर्षीय दलित बच्चों पर दर्ज मुकदमों के सवाल पर भाकियू अध्यक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सवाल पूछना और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार को आलोचना को दबाने के बजाय जवाब देना चाहिए। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण कार्रवाई की आवश्यकता है।
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