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Jyeshtha Mangal: अधिकमास का पहला ज्येष्ठ मंगल आज, जानें महत्व

हनुमान मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु, अधिकमास के पहले ज्येष्ठ मंगल पर विशेष पूजा-अर्चना का दृश्य.

First Jyeshtha Mangal of Adhik Maas: आज ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और मंगलवार का खास संयोग बना है. वहीं, हिंदू पंचांग के अनुसार आज अधिकमास का पहला ज्येष्ठ मंगल यानी बुढ़वा मंगल व्रत रखा गया है.

इस दिन भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए भक्त मंदिरों में पूजा-अर्चना कर हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

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भूलकर भी न करें ये गलतियां

  • पूजा करते समय गुस्सा और गलत शब्दों का इस्तेमाल न करें.
  • मांसाहारी खाना और नशे से दूर रहें.
  • साफ और अच्छे कपड़े पहनकर पूजा करें.
  • नहाए बिना पूजा या व्रत न करें गरीब और जरूरतमंद लोगों का अपमान न करें.

क्या करें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, आज के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है. वहीं हनुमान जी को बूंदी, गुड़-चना, सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने से उनकी विशेष कृपा मिलती है.

क्या करें?

क्यों खास है इस बार का ज्येष्ठ मंगल?

ज्योतिष जानकारों के अनुसार इस बार 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है. दरअसल, अधिकमास की वजह से ज्येष्ठ मास में कई बड़े मंगल पड़ रहे हैं, इसलिए इसे हनुमान भक्तों के लिए बेहद शुभ और फलदायी माना जा रहा है.

क्यों खास है इस बार का ज्येष्ठ मंगल?

निष्कर्ष

अधिकमास का पहला ज्येष्ठ मंगल मान्यता के अनुसार बेहद खास माना जाता है, इस दिन भगवान हनुमान की पूजा, व्रत और भक्ति करने से सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

FAQs

Q1. आज कौन सा खास व्रत रखा गया है
आज अधिकमास का पहला ज्येष्ठ मंगल व्रत रखा गया है.

Q2. ज्येष्ठ मंगल किस भगवान को समर्पित है?
ज्येष्ठ मंगल भगवान हनुमान को समर्पित है.

Q3. आज के दिन क्या पाठ करना शुभ माना जाता है?
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ शुभ माना जाता है.

Q4. पूजा में हनुमान जी को क्या अर्पित किया जाता है?
बूंदी, गुड़-चना, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित किया जाता है.

Q5. ज्येष्ठ मंगल पर कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए?
क्रोध, अपशब्द और तामसिक भोजन से बचना चाहिए.

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