DelhiHistory: देश की राजधानी दिल्ली का नाम कैसे पड़ा, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है, इतिहासकारों और विद्वानों ने इस पर कई मत दिए हैं. कुछ इसे प्राचीन राजाओं से जोड़ते हैं, तो कुछ इसे पुराने संस्कृत और प्राकृत शब्दों से निकला मानते हैं, आइए जानते हैं दिल्ली नाम की उत्पत्ति से जुड़ी प्रमुख कहानियां.
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‘ढिल्लिका’ से बना दिल्ली
इतिहास में सबसे प्रसिद्ध मान्यता यह है कि दिल्ली का पुराना नाम ‘ढिल्लिका’ था, 8वीं–9वीं सदी में यहां अनंगपाल द्वितीय का शासन था. कहा जाता है कि उन्होंने यहां किला बनवाया और शहर का नाम ढिल्लिका रखा, जो समय के साथ बदलकर दिल्ली हो गया.
‘देहली/देहलीज़’ से जुड़ा नाम
कुछ इतिहासकार मानते हैं कि दिल्ली शब्द ‘देहली’ या ‘देहलीज़’ से आया है, जिसका मतलब होता है ‘द्वार’ या ‘सीमा’. दिल्ली को उत्तर भारत का प्रवेश द्वार माना जाता था, इसलिए यह नाम प्रचलित हुआ.
‘ढीली कील’ वाली कहानी
एक लोककथा के अनुसार, राजा अनंगपाल ने लोहे का एक स्तंभ गाड़ा था, जिसे बाद में ढीला पाया गया। लोगों ने मजाक में शहर को ‘ढीली’ कहना शुरू कर दिया, जो आगे चलकर दिल्ली बन गया. हालांकि, इतिहासकार इसे केवल लोककथा मानते हैं.
इतिहासकारों की राय
इतिहासकार मानते हैं कि दिल्ली नाम की उत्पत्ति किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई भाषाई और ऐतिहासिक बदलावों से हुई. समय के साथ ‘ढिल्लिका’, ‘देहली’ और ‘दिल्ली’ जैसे शब्द विकसित होते गए.
आज की दिल्ली
आज दिल्ली भारत की राजधानी है, जहां इतिहास और आधुनिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है. लाल किला, कुतुब मीनार और इंडिया गेट जैसे स्मारक इस शहर की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करते हैं.
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