Mohini Ekadashi 2026: इस साल मोहिनी एकादशी का पावन व्रत 27 अप्रैल यानी आज रखा गया है. वहीं हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए मोहिनी एकादशी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है.
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने और पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
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पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के समय मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत पिलाया था. इसी कारण इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है. इसके अलावा इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, कथा सुनते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं.
भूलकर भी न करें ये काम
मोहिनी एकादशी के दिन हमे चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना गया है. इसके अलावा लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा जैसे तामसिक भोजन से भी पूरी तरह दूर रहना चाहिए.

ऐसे में किसी पर क्रोध करना और झूठ बोलना, या किसी का दिल दुखाना गलत माना जाता है. ऐसा करने से व्रत का पुण्य कम हो जाता है, इसके अलावा भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय है लेकिन इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए.
क्या करें इस दिन?
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. घर के मंदिर में भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं. इसके बाद गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें. पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. इसके अलावा शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है.

क्यों है खास मोहिनी एकादशी?
मोहिनी एकादशी हिंदू धर्म में बहुत पवित्र मानी जाती है, यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. वहीं भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख, शांति और खुशहाली बनी रहती है. मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से पुराने पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में शुद्धता आती है, इसके अलावा “मोहिनी” का अर्थ है आकर्षण या माया, इस व्रत से इंसान को मोह और भ्रम से मुक्ति मिलती है.
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FAQs
1. मोहिनी एकादशी क्या है?
यह भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जो वैशाख महीने में रखा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि मिलती है.
2. मोहिनी एकादशी का व्रत क्यों रखा जाता है?
इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है, जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग खुलता है.
3. मोहिनी एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
इस दिन चावल नहीं खाना चाहिए, झूठ बोलने से बचें, क्रोध न करें और प्याज-लहसुन का सेवन न करें.
4. व्रत के दौरान क्या करना चाहिए?
भगवान विष्णु की पूजा करें, व्रत कथा सुनें, मंत्र जाप करें और दान-पुण्य करें.
5. मोहिनी एकादशी व्रत का फल क्या मिलता है?
इस व्रत से पापों का नाश होता है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है.


























