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HanumanJi: हनुमान जी को रुद्र अवतार क्यों कहा जाता है?

Hanuman ji rudra avatar

Hanuman Ji Rudra Avatar: हिंदू धर्म में हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है. उन्हें “रुद्र अवतार” भी कहा जाता है, लेकिन इसके पीछे क्या कारण है? आइए जानते हैं इस मान्यता से जुड़ी पौराणिक कथा और धार्मिक आधार.

रुद्र अवतार का क्या मतलब है?
“रुद्र” भगवान भगवान शिव का एक उग्र और शक्तिशाली स्वरूप है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान शिव का अंश किसी रूप में अवतरित होता है, तो उसे “रुद्र अवतार” कहा जाता है.

पौराणिक कथा क्या कहती है?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने राम अवतार लिया, तब उनकी सहायता के लिए भगवान शिव ने भी अपना अंश धरती पर भेजा, इसी कारण हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है.

शक्ति और गुणों में समानता
हनुमान जी में जो अद्भुत शक्ति, निडरता और संकटों से लड़ने की क्षमता है, वह भगवान शिव के रुद्र रूप से मेल खाती है. अपार बल और ऊर्जा, भक्ति में पूर्ण समर्पण, बुराई का नाश करने की क्षमता, इन गुणों के कारण भी उन्हें रुद्र अवतार कहा जाता है.

भक्ति और समर्पण का प्रतीक
हनुमान जी ने भगवान राम के प्रति अपनी अटूट भक्ति से यह साबित किया कि शक्ति के साथ विनम्रता भी जरूरी है, यही कारण है कि उन्हें भक्ति और सेवा का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है.

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