HolikaDahan2026: फाल्गुन पूर्णिमा की रात मनाया जाने वाला होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार प्रह्लाद की भक्ति और होलिका के अंत की घटना से यह पर्व जुड़ा है, इस पवित्र अवसर पर कुछ गलतियाँ करने से बचने की सलाह दी जाती है.
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ये 3 गलतियां न करें
1. होलिका की अग्नि का अनादर न करें: होलिका दहन की आग को पवित्र माना जाता है. इसमें कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक या अपवित्र वस्तुएँ नहीं डालनी चाहिए, ऐसा करना धार्मिक परंपराओं के खिलाफ माना जाता है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचाता है.
2. बिना कारण झगड़ा या अपशब्द न बोलें: यह पर्व प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है. होलिका दहन की रात झगड़ा, गाली-गलौज या किसी का अपमान करना अशुभ माना जाता है, इस दिन शांति और सद्भाव बनाए रखना जरूरी है.
3. देर रात तक अनावश्यक नकारात्मक कामों से बचें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस रात नकारात्मक सोच, बुरी आदतों और गलत कार्यों से दूर रहना चाहिए. परिवार के साथ पूजा-पाठ और सकारात्मक काम करने की सलाह दी जाती है.
विशेष ध्यान रखें
होलिका दहन के समय सावधानी बरतें और बच्चों का ध्यान रखें, पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग करें, परंपराओं का सम्मान करते हुए सुरक्षित तरीके से पर्व मनाएँ.
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