रिपोर्ट: गिरजेश गोविन्द राव | कप्तानगंज (कुशीनगर)
Ramkola Library Controversy: कुशीनगर जिले के रामकोला नगर पंचायत परिसर स्थित भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम लाइब्रेरी में
मंगलवार सुबह ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
शिक्षा और अध्ययन के लिए बनाई गई इस लाइब्रेरी के भीतर शराब की खाली बोतलें पत्तलों में पड़ी मीट की हड्डियां
और अन्य गंदगी मिलने से स्थानीय लोगों, छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी फैल गई।
Dr. APJ Abdul Kalam Library बनी असामाजिक तत्वों का अड्डा?



सुबह जब छात्र और आसपास के लोग लाइब्रेरी पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।
जहां किताबों की खुशबू और पढ़ाई का शांत माहौल होना चाहिए था, वहां शराबखोरी और गंदगी के निशान दिखाई दे रहे थे।
यह खबर फैलते ही बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए।
लोगों का आरोप है कि लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है, जिसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व रात के
समय परिसर में घुसकर इस तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे हैं।
आक्रोशित युवाओं ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की कि लाइब्रेरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तुरंत खंगाली जाए,
ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय छात्रों का कहना है कि यह लाइब्रेरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए उम्मीद का केंद्र है।
यदि यहां भी असामाजिक गतिविधियां होने लगेंगी, तो छात्रों के लिए पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई
Ramkola Library Controversy अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है।
उनका कहना है कि प्रशासन को केवल सफाई कराकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं समझनी चाहिए,
बल्कि लाइब्रेरी की नियमित निगरानी,
सुरक्षा और संचालन सुनिश्चित करना चाहिए,
ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस प्रशासन से आरोपियों की पहचान और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की
लोगों ने नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
साथ ही लाइब्रेरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और छात्रों को एक सुरक्षित
स्वच्छ और अनुशासित अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
यह घटना केवल एक लाइब्रेरी की अव्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि उस सोच पर भी सवाल खड़े करती है|
जहां शिक्षा के केंद्रों को भी असामाजिक गतिविधियों से सुरक्षित नहीं रखा जा पा रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करता है।
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निष्कर्ष
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर बनी यह लाइब्रेरी युवाओं के ज्ञान और भविष्य निर्माण का केंद्र है। ऐसे में परिसर में शराबखोरी और गंदगी जैसी घटनाएं न केवल सामाजिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि शिक्षा के माहौल को भी प्रभावित करती हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।


























