Air Marshal Ashutosh Dixit: भारतीय वायु सेना (IAF) को नया वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (VCAS) मिल गया है. एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को इस महत्वपूर्ण पद के लिए नियुक्त किया गया है, वह 1 जुलाई 2026 को अपना कार्यभार संभालेंगे. फिलहाल वे चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC) के पद पर कार्यरत हैं. इसके अलावा उन्होंने रक्षा बलों में संयुक्त संचालन (Jointness) और थिएटराइजेशन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है. इसलिए उनकी नियुक्ति भारतीय वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित?
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायु सेना के अनुभवी फाइटर पायलट हैं, उन्होंने 1986 में वायु सेना जॉइन की थी। इसके बाद उन्होंने कई बड़ी जिम्मेदारियां निभाईं. उन्हें 20 से ज्यादा विमानों को उड़ाने का अनुभव है, साथ ही उन्होंने कई अहम रक्षा परियोजनाओं में भी योगदान दिया. अब उन्हें भारतीय वायु सेना का नया वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ नियुक्त किया गया है.
3300 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव
- एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायु सेना के अनुभवी पायलट हैं.
- उनके पास 20 से ज्यादा तरह के विमानों को उड़ाने का अनुभव है, उन्होंने 3300 घंटे से अधिक उड़ान भरी है.
- इसके अलावा, वह Qualified Flying Instructor और Experimental Test Pilot भी रह चुके हैं.
- उन्होंने Mirage 2000, MiG-21 और Jaguar जैसे लड़ाकू विमान उड़ाए हैं.
- वहीं उनका पूरा करियर फाइटर विमान और फ्लाइट टेस्टिंग से जुड़ा रहा है.
- साथ ही उन्होंने कई सैन्य विमान अपग्रेड परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाई है.
- इसलिए उन्हें भारतीय वायु सेना के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है.
स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं में अहम योगदान
- आशुतोष दीक्षित सिर्फ फाइटर पायलट ही नहीं, बल्कि रक्षा क्षेत्र के बड़े रणनीतिकार भी हैं.
- उन्होंने Jaguar और MiG-27 के अपग्रेड में अहम भूमिका निभाई.
- साथ ही भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी विमान कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया.
MMRCA ट्रायल में निभाई बड़ी भूमिका
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायु सेना के लिए नए लड़ाकू विमानों के चयन में अहम भूमिका निभाई थी. दरअसल, Director of Air Staff Requirements रहते हुए उन्होंने MMRCA ट्रायल्स की योजना बनाई और उन्हें सफलतापूर्वक संचालित किया.

इसी प्रक्रिया के तहत कई आधुनिक फाइटर जेट्स का परीक्षण और मूल्यांकन किया गया, उनके अनुभव और नेतृत्व को देखते हुए अब उन्हें भारतीय वायु सेना का नया वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ नियुक्त किया गया है.
युद्ध अभियानों का अनुभव
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित सिर्फ एक अनुभवी फाइटर पायलट ही नहीं हैं, बल्कि उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में भी हिस्सा लिया. यही अनुभव उन्हें भारतीय वायु सेना के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल करता है.
सम्मान और उपलब्धियां
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को उनकी शानदार सेवाओं के लिए विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है. उन्हें यह सम्मान मिराज-2000 स्क्वाड्रन को बेहतरीन प्रदर्शन तक पहुंचाने और जगुआर व मिग-27 के स्वदेशी अपग्रेड प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए मिला था.
इसके अलावा, MMRCA प्रोजेक्ट के डायरेक्टर के रूप में उन्होंने 6 विदेशी फाइटर जेट्स के ट्रायल्स को रिकॉर्ड समय में पूरा कराया, इस काम ने भारतीय वायु सेना की ताकत और तैयारियों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
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FAQs
Q1. भारतीय वायु सेना का नया वाइस चीफ कौन बना है?
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को नया वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ नियुक्त किया गया है.
Q2. आशुतोष दीक्षित कब से अपना नया पद संभालेंगे?
वे 1 जुलाई 2026 से पदभार ग्रहण करेंगे.
Q3. आशुतोष दीक्षित किस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं?
वे एक अनुभवी फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट हैं.
Q4. उनके पास कितने घंटे की उड़ान का अनुभव है?
उनके पास 3300 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है.
Q5. उन्होंने कितने प्रकार के विमानों को उड़ाया है?
उन्होंने 20 से अधिक प्रकार के एयरक्राफ्ट उड़ाए हैं, जिनमें मिराज-2000 भी शामिल है.
























