Pranayama In Summer: गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने का सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका माना जाता है. जैसे-जैसे गर्मियों का मौसम बढ़ता है, शरीर में थकान, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे समय में गर्मी में प्राणायाम करना बेहद फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है.
गर्मी में प्राणायाम न केवल शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है. डॉक्टर और योग विशेषज्ञ भी मानते हैं कि गर्मी में प्राणायाम एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है गर्मी से राहत पाने का, नियमित अभ्यास से ऊर्जा का स्तर बेहतर होता है और शरीर अंदर से हल्का और तरोताजा महसूस करता है.
क्या है यह उपाय?
- यह उपाय कुछ खास प्राणायाम और श्वास अभ्यास हैं.
- ये शरीर की गर्मी कम करने में मदद करते हैं.
- साथ ही दिमाग को शांत रखते हैं और शरीर के तापमान को संतुलित करते हैं.
- इनमें मुख्य रूप से शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम और अनुलोम-विलोम शामिल हैं.
- ये तीनों अभ्यास गर्मी में शरीर को हल्का और ठंडा महसूस कराते हैं.
- इसके अलावा ये तनाव कम करने में भी मदद करते हैं.
- इसलिए अगर नियमित रूप से इन्हें किया जाए, तो गर्मी का असर काफी कम महसूस होता है.
कौन कर सकता है?
गर्मी में प्राणायाम लगभग हर उम्र के लोग कर सकते हैं. बच्चे, युवा, ऑफिस जाने वाले लोग और बुजुर्ग सभी इसे अपनी दिनचर्या में आसानी से शामिल कर सकते हैं. गर्मी में प्राणायाम शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है और थकान कम करता है. इसके अलावा, जो लोग तनाव या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी गर्मी में प्राणायाम बहुत फायदेमंद माना जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर हल्का महसूस करता है और मानसिक शांति मिलती है.
ये प्राणायाम कब करना चाहिए?
इन प्राणायामों को सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है. सुबह का समय शांत और ठंडा रहता है, इसलिए असर ज्यादा मिलता है. अगर बहुत ज्यादा गर्मी लग रही हो, तो आप इसे दोपहर या शाम में भी कर सकते हैं. रोज सिर्फ 10 से 15 मिनट का अभ्यास काफी राहत देता है.

क्यों करना चाहिए?
- गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ जाता है, इससे थकान, जलन और बेचैनी महसूस होती है.
- इसलिए प्राणायाम बहुत फायदेमंद होता है, यह शरीर को अंदर से ठंडक देता है.
- साथ ही, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और तनाव कम करता है.
- सबसे अच्छी बात यह है कि यह एक प्राकृतिक तरीका है, जिससे दवाओं पर निर्भरता कम हो जाती है.
ये प्राणायाम कैसे करें

शीतली प्राणायाम
- इसमें जीभ को बाहर निकालकर उसे ट्यूब जैसी आकृति में मोड़ा जाता है.
- इसके बाद धीरे-धीरे सांस अंदर ली जाती है, फिर सांस नाक से बाहर छोड़ी जाती है.
- यह अभ्यास शरीर को तुरंत ठंडक देता है और जलन कम करता है.
शीतकारी प्राणायाम
- इस प्राणायाम में दांत हल्के बंद रखे जाते हैं, साथ ही हल्की मुस्कान के साथ सांस अंदर ली जाती है.
- इसके बाद सांस नाक से बाहर छोड़ी जाती है, यह मन को शांत करता है और गर्मी से राहत देता है.
अनुलोम-विलोम
- इस अभ्यास में पहले एक नथुने से सांस ली जाती है.
- फिर दूसरे नथुने से सांस छोड़ी जाती है, इसके बाद यही प्रक्रिया बदलकर दोहराई जाती है.
- यह शरीर में ऑक्सीजन बढ़ाता है और गर्मी को संतुलित करता है.
निष्कर्ष
गर्मी के मौसम में शरीर को स्वस्थ और ठंडा रखने के लिए प्राणायाम एक सरल और प्राकृतिक उपाय है, यह न सिर्फ शारीरिक राहत देता है बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है. अगर रोज कुछ मिनट इन प्राणायामों को दिया जाए तो गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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