परिचय
Shubhendu Adhikari CM Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है, आज यानी 9 मई को भाजपा नेताशुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
वहीं कोलकाता में हुए इस बड़े कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई बड़े नेता मौजूद रहे.
शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के CM
दरसल, भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुना गया. इसके अलावा, शपथ समारोह में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और समर्थकों में खुशी देखने को मिली, कहा जा रहा है कि बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है.
इसी दौरान, शुभेंदु अधिकारी के साथ कई नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, इनमें दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसे नेता भी शामिल रहे.
वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने बांग्ला भाषा में शपथ ली और सभी लोगों का अभिवादन किया.

इस बदलाव को ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है,
पूरे दिन इस शपथ समारोह की चर्चा होती रही.
भाजपा नेताओं ने इसे“नए बंगाल की शुरुआत” बताया और लोगों का धन्यवाद किया.
शुभेंदु सरकार, 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है,
कैबिनेट में ऐसे नेताओं को जगह मिली है.

इसलिए जो संगठन, महिला वोट बैंक, आदिवासी समाज और उत्तर बंगाल में मजबूत पकड़ रखते हैं, आइए जानते हैं इन 5 बड़े मंत्रियों का पूरा बैकग्राउंड.
दिलीप घोष
दिलीप घोष भाजपा के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं, वे लंबे समय तक पश्चिम Bengal भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. राजनीति में आने से पहले RSS के प्रचारक थे.
अग्निमित्रा पॉल
अग्निमित्रा पॉल भाजपा का बड़ा महिला चेहरा हैं, पेशे से फैशन डिजाइनर रहीं अग्निमित्रा 2019 में राजनीति में आईं.
वे भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 2021 में आसनसोल दक्षिण सीट से विधायक बनीं.
लेकिन, पार्टी ने उन्हें महिला प्रतिनिधित्व और युवा मॉडर्न छवि को मजबूत करने के लिए मौका दिया है।
खुदीराम तुडू
खुदीराम तुडू भाजपा के आदिवासी नेताओं में बड़े चेहरे माने जाते हैं, वे बांकारा जिले की रानीबांध सीट से विधायक हैं.
आदिवासी इलाकों में उनकी अच्छी पकड़ है.
इसलिए भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाकर आदिवासी समाज को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है.
निसिथ प्रमाणिक
निसिथ प्रमाणिक भाजपा के युवा नेताओं में गिने जाते हैं, उनकी उत्तर बंगाल में अच्छी पकड़ मानी जाती है.
वे पहले TMC पार्टी में थे, लेकिन 2019 में भाजपा में शामिल हो गए, इसके बाद वे केंद्र सरकार में गृह और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री भी बने.
अशोक किरतनिया
अशोक किरतनिया उत्तर 24 परगना जिले की बोंगांव उत्तर सीट से विधायक हैं.
वे मतुआ समुदाय से जुड़े प्रभावशाली नेता माने जाते हैं.
इसलिए भाजपा ने उन्हें शामिल कर शरणार्थी और मतुआ वोट बैंक को साधने की कोशिश की है.
स्थानीय राजनीति और संगठन में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.
Conlusion
यह भी पढ़े- अग्निमित्रा पॉल डिप्टी CM? जानिए कौन हैं बंगाल BJP की फायरब्रांड नेता
FAQs
Q1. शुभेंदु अधिकारी ने कौन सा पद ग्रहण किया?
उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
Q2. यह शपथ ग्रहण समारोह कहाँ हुआ?
यह समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुआ.
Q3. समारोह में कौन-कौन से बड़े नेता मौजूद थे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता मौजूद थे.
Q4. दिलीप घोष समेत और कौन-कौन नेता शपथ में शामिल हुए?
दिलीप घोष के साथ अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक जैसे नेता भी शामिल हुए.
Q5. इस घटना को राजनीति में कैसे देखा जा रहा है?
इसे ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका और बंगाल में सत्ता परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है.


























