Advertisement

Explainer: क्या UGC विवाद की वजह से डूब रही हैं BJP?

सियासत में कुछ भी यूं नहीं होता है. पश्चिम बंगाल में चल रहे विधासभा चुनाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक मीडिया इवेंट में कहा, ‘मैं स्वीकार करता हूं कि इनसे बचा जा सकता था, खासकर जिस तरह से उन्हें प्रस्तुत किया गया था. UGC मामले पर समाज में चर्चा विचाराधीन है और उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में है, इसलिए मैं सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं कर सकता लेकिन मैं नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम किसी के खिलाफ उत्पीड़न का समर्थन नहीं करते.’

Diabetes: डायबिटीज में कौन सा जूस है सही? गन्ने का जूस या कुछ और?
HealthTips: हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ क्यों कहा जाता है?

पश्चिम बंगाल में सवर्ण कितने हैं?

कुल प्रतिशत: विभिन्न रिपोर्टों और राजनीतिक विश्लेषणों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सवर्णों (General Caste) की जनसंख्या लगभग 25% से 33% के बीच अनुमानित है.

प्रमुख सवर्ण जातियाँ: बंगाल में मुख्य रूप से तीन जातियों—ब्राह्मण, कायस्थ और वैद्य—को सवर्ण समाज का मुख्य हिस्सा माना जाता है.

जातिवार अनुमान:

ब्राह्मण: कुल जनसंख्या का लगभग 5% से 6%.
कायस्थ और वैद्य: इन दोनों जातियों को मिलाकर आबादी का एक बड़ा हिस्सा शहरी क्षेत्रों में केंद्रित है.
जनसांख्यिकीय वितरण (2025-26 अनुमान): 2025 के लिए अनुमानित जनसांख्यिकीय विवरण के अनुसार बंगाल की आबादी का वर्गीकरण इस प्रकार हो सकता है:

  • सामान्य श्रेणी (सवर्ण): लगभग 25% – 28%.
  • अनुसूचित जाति (SC): 23.51%.
  • अनुसूचित जनजाति (ST): 5.8%.
  • मुस्लिम समुदाय: लगभग 27% – 30%.


सामाजिक प्रभाव: यद्यपि सवर्णों की जनसंख्या अल्पसंख्यक के करीब है (लगभग 20-30%), फिर भी राज्य की राजनीति, शिक्षा और सांस्कृतिक संस्थानों में इनका वर्चस्व काफी अधिक रहा है.