unacademy scam: कलक्टर बनाओ अभियान, झांसे की दुकान के स्वरुप में बदल चुका है unacademy online एजुकेशन सेंटर. सपनों का सौदागर बनकर बच्चों के भरोसे का कत्ल कैसे कर रहा है unacademy सेंटर. पूरा का पूरा सिस्टम कैसे सड़ा हुआ है, मुखर्जी नगर में धरना दे रहे छात्र इसकी पोल खोल रहे हैं. Offline एजुकेशन में एक बहुज बड़ा नाम हुआ करता था लेकिन कंपनी अब अपने एक फैसले के कारण विवाद में फंस गई है. unacademy ने offline लर्निंग सेंटर्स बंद कर दिया है और इस कंपनी को फ्रैंचाइजी मॉडल में बदलने जा रही है. 14 जनवरी को कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इस संबंध में मेल भेजा था और अब इस फैसले को लागू करने पर विवाद हो रहा है. छात्रों ने आरोप लगाया कि जब कोचिंग सेंटर बंद हो गया है तो उनकी फीस वापिस की जाए लेकिन कंपनी अब सभी छात्रों की फीस वापिस नहीं कर रही है.
नैनों में था रास्ता, हृदय में था गांव हुई न पूरी यात्रा, छलनी हो गए पांव
विपत्ति में इंसान और समाज अपनी कई परतें खोलता है. चीखती हुई एक छात्रा ने बताया, ‘जब हमने बैच लिया था कि आप 2 साल तक किसी भी बैच में आ सकते हैं. मैंने 2025 से 2027 बैच लिया था लेकिन अब कह रहे हैं कि आप एक साल ऑनलाइन कर लीजिए. जब बैच लेना था तो काउंसलर ने कहा था कि अभी डिस्काउंट है तो बैच ले लीजिए.’ अब रिफंड के नियमों पर कंपनी छात्रों को कुछ नहीं बता रहे हैं.
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एक छात्रा का कहना है कि सेंटर के मुखिया अपने वकील से देर रात में धमकी भरे मैसेज भेजते हैं. मुखर्जीनगर में unacademy के ऑफिस के सामने धरना दे रही छात्रा के पिता पेंटर हैं वह बताती है कि उसके पिता की दहाड़ी 500 रुपये मिलते हैं सोचिए ईएमआई कराके मेरे पिता ने पैसे भेजे हैं. फिर रोने लगती है.
मेरे पिता मुझसे बात नहीं कर रहे हैं-सीकर का एक छात्र
राजस्थान के सीकर के एक छात्र की दर्दनाक कहानी जान आपकी रुह कांप जाएगी. आपके बच्चे मार्केटिंग के मकड़जाल में फंसकर कैसे रो रहे हैं. दिल्ली के मुखर्जीनगर unacademy से फोन जाता है छात्र की उम्र महज 17 साल. क्या करते हो, आईआईटी की तैयारी करता हूं. क्या करोगे आईआईटी करके, कई आईआईटी टॉपर यूपीएससी की तैयारी करके आईएएस बन रहे हैं. तुम दिल्ली आओ हम 21 साल की उम्र में आईएएस बना देंगे. पिता को बताए बगैर लड़का आ जाता है. फिर फर्जी तरीके से उसके पिता को बताए बगैर उसके नाम पर 57 हजार का लोन करा दिया जाता है और कहा जाता है कि तुम यहीं रहो और आईएएस बनो. अभी तक वह एक लाख दस हजार पैसा जमा कर चुका है फिर भी करीब 26 हजार बचा ही है और यह सेंटर बंद करके ऐसे बच्चे का पैसा भी वापस नहीं कर रहे हैं. सोचिए यह किस हालात में पैसा दिया और पढ़ाई भी नहीं करा रहे हैं. बार बार रो रोकर कह रहा है कि मर जाउंगा पापा बात नहीं करते हैं. क्या करूं.
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मोदी जी के कार्यक्रम में व्यस्त हूं-मुखर्जी नगर पुलिस
सहारा समय की टीम ने मुखर्जीनगर थाना से संपर्क किया कि बच्चों ने एफआईआर दी है क्या कार्रवाई किये हैं. तो उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारी में हैं ऐसे कामों के लिए फुर्सत नहीं है. फिर हमने कहा कि 25 फरवरी को एफआईआर दी गई है आपने शुक्रवार(6मार्च) को बुलाया था तो सोचिए कुछ लड़के लखनऊ, एटा से आए हैं और आप कह रहे हैं कि फुर्सत नहीं है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने Unacademy के दिल्ली स्थित करोल बाग ऑफलाइन सेंटर द्वारा छात्रों को फीस वापस न करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लगभग 1500 छात्र-छात्राएं सेंटर बंद होने के बाद अपनी जमा फीस वापस न मिलने से परेशान हैं.
ऐसे सैकड़ों दर्दनाक कहानियां छात्रों की उबलती, डबडबाई आंखों में तैर रही हैं. ऐसे कोचिंग माफिया और स्थानीय प्रशासन इन आंखों में झांक कर देखे यदि इंसानियत थोड़ी भी बची होगी तो उन बच्चों के आंसू किसी सैलाब से कम नहीं दिखेंगे.


























