Sarvarth Siddhi Yog Puja: सर्वार्थ सिद्धि योग पूजा विधि को हिंदू ज्योतिष में बहुत शुभ मानी जाती है, इससे जीवन में पॉजिटिव ऊर्जा आती है.
वहीं ज्योतिष शास्त्र में हर एक योग का विशेष महत्व होता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज काशी विश्वनाथ मंदिर विशेष पूजा की, लेकिन पीएम मोदी के वाराणसी दौरे का ये दूसरा दिन रहा.
जिसके बाद उन्होंने विधि-विधान से सर्वार्थ सिद्धि योग और त्रयोदशी तिथि के महासंयोग में पीएम मोदी विशेष पूजा-अर्चना की. आइए जानते हैं इस आर्टिकल में सर्वार्थ सिद्धि योग पूजा विधि करने का सही तरीका क्या है?
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क्या है सर्वार्थ सिद्धि योग?
सर्वार्थ सिद्धि योग ज्योतिष में अत्यंत शुभ मुहूर्त है, जो विशिष्ट वार (दिन) और नक्षत्रों के संयोग से बनता है. “सर्वार्थ” का अर्थ है ‘सभी कार्य’ और “सिद्धि” का अर्थ है ‘सफलता’
इसलिए इस योग में किए गए कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी सफल होते हैं, इसी कारण लोग इस समय विशेष पूजा करते हैं और मनोवांछित फल देते हैं, जो नया व्यवसाय, खरीदारी, यात्रा, या सरकारी कार्यों के लिए बेहतरीन माना जाता है.
कब और कैसे बनता है सर्वार्थ सिद्धि योग?
हिंदू पंचांग के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग तब होता है, जब कोई विशेष नक्षत्र किसी खास दिन पड़ता है. कह सकते हैं कि वार और नक्षत्र के संयोग से सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होता है.

यह योग किसी भी कार्य को करने के लिए बहुत शुभ शुभ माना जाता है.
सर्वार्थ सिद्धि योग बनने के लिए सप्ताह के दिन और नक्षत्र का मेल होना जरूरी है.
पूजा करने का सही तरीका
सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ कपड़े पहनें.
इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और दीपक जलाएं. फिर अपने इष्ट देव या भगवान शिव की पूजा करें.

इसके अलावा आप फूल, फल, बेलपत्र, जल और प्रसाद अर्पित करें, इसके बाद “ॐ नमः शिवाय” या अपने इष्ट मंत्र का जाप करें.
त्रयोदशी तिथि का महत्व क्या है?
29 अप्रैल यानी आज त्रयोदशी तिथि भी है, यह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है इसलिए इस दिन ‘प्रदोष व्रत’ रखा जाता है.
वहीं त्रयोदशी हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने के चंद्र पक्ष (शुक्ल और कृष्ण) की तेरहवीं तिथि है
इसलिए इसे तेरस भी कहा जाता है. इसके अलावा त्रयोदशी तिथि के मुख्य देवता कामदेव हैं,
इसलिए इस योग में की गई पूजा से जीवन में सुख और तरक्की आती है.
निष्कर्ष
सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा करने का सही तरीका अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.
यह योग हर तरह के शुभ कार्यों के लिए बेहद खास माना जाता है इसलिए इस समय का सही उपयोग जरूर करें.
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FAQs
सर्वार्थ सिद्धि योग क्या होता है?
सर्वार्थ सिद्धि योग एक बहुत शुभ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए इस योग किए गए कार्य सफल होते हैं.
यह योग विशेष तिथियों और वार के संयोग से बनता है.
इस योग में पूजा करने का सही समय क्या है?
इस योग में पूजा उसी समय करनी चाहिए जब यह योग सक्रिय हो,
सही मुहूर्त के लिए पंचांग या ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है.
पूजा कैसे शुरू करें?
सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें, पूजा स्थल को साफ करें, दीपक जलाएं .
भगवान का ध्यान करें, फिर मंत्र जाप या आरती करें.
कौन-कौन से भगवान की पूजा करनी चाहिए?
इस योग में आप किसी भी इष्ट देव की पूजा कर सकते हैं,
लेकिन विशेष रूप से भगवान शिव, विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा शुभ मानी जाती है.
पूजा में क्या विशेष करना चाहिए?
सच्चे मन से प्रार्थना करें, अपनी मनोकामना बोलें, दान-पुण्य करें.


























