Chandra Grahan 2026: आज वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. खगोल विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है. यह एक खगोलीय घटना है, जिसे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है.
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ग्रहण का समय
आज लगने वाला चंद्र ग्रहण रात्रि में दिखाई देगा. ग्रहण की शुरुआत (स्पर्श काल), मध्य और मोक्ष काल के अलग-अलग समय निर्धारित किए गए हैं, भारत के अलग-अलग हिस्सों में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है.
सूतक काल हुआ शुरू
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है.सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ, भोजन पकाने तथा शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है.
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित खगोलीय घटना है, इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है और इसका स्वास्थ्य पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता.
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
भारतीय संस्कृति में चंद्र ग्रहण को आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना का समय माना जाता है. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान, दान और पूजा करने की परंपरा है. आज का यह चंद्र ग्रहण खगोल प्रेमियों के लिए एक खास अवसर है, साफ मौसम होने पर लोग इसे आसानी से देख सकते हैं.
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