पटना में दानापुर के पूर्व राजद विधायक रीतलाल यादव पर संगठित आपराधिक गिरोह चलाने और उससे करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगा है. पटना पुलिस ने विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर इसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दिया है. पुलिस ने रीतलाल और उनके गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रीतलाल ने सरकारी जमीनों पर कब्जे से लेकर रंगदारी वसूली तक कई अवैध गतिविधियां चलाईं.
Bihar News : चिराग पासवान की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली से पटना का सफर रद्द!
जांच के दौरान पुलिस और एसआईटी ने पाया कि उनके गिरोह ने कोथवां मौजा में तीन एकड़ गैर-मजरुआ सरकारी जमीन पर कब्जा कर 4000 वर्गफीट की चहारदीवारी तक खड़ी कर दी थी. इसके अलावा दानापुर इलाके में कई महंगी जमीनें और फ्लैट भी उनके नाम और रिश्तेदारों के नाम पर पाए गए. रिपोर्ट में बताया गया है कि स्थानीय लोग डर के कारण शिकायत नहीं कर पा रहे थे. रीतलाल के गांव में उनके पिता के नाम पर बना “रामाशीष चौक” भी सरकारी भूमि पर ही निर्मित बताया गया है.
Bihar News : गयाजी एयरपोर्ट पर 12 यात्री बिना वीजा के पकडाया, जांच शुरू!
पुलिस के अनुसार, रीतलाल अपने सहयोगियों—टिंकू, विनोद, श्रवण, चिकू, मंटू, सुनील और सन्नी—के जरिए दानापुर क्षेत्र में जमीन कब्जा, बिल्डरों से रंगदारी वसूली और धमकी देने का काम कराते थे. बिल्डर कुमार गौरव से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में वे पहले से जेल में बंद हैं. इसी केस की जांच में उनके खिलाफ संगठित गिरोह संचालन की पुष्टि हुई.
Bihar News : जन नमन यात्रा में डिप्टी CM का ऐलान—अब नहीं बख्शे जाएंगे अपराधी!
जांच में यह भी सामने आया कि मुस्तफापुर मौजा के 76 डिसमिल जमीन पर 16 दुकानों का अवैध निर्माण कराया गया था और किराया गिरोह के लोग वसूलते थे. जिला प्रशासन ने इस जमीन को 15 मई 2025 को कब्जा मुक्त कराया. ईडी जल्द ही इस मामले में आगे की कार्रवाई करने वाली है.


























