Advertisement

Night में लाइट ऑन रखकर सोते हैं? हार्ट अटैक का खतरा दोगुना

Sleeping lights on night: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ज्यादातर लोग रात में मोबाइल, टीवी या कमरे की लाइट जलाकर सो जाते हैं. कई लोगों को अंधेरा पसंद नहीं होता, इसलिए वे हल्की या तेज रोशनी के साथ सोते हैं, लेकिन एक नई रिसर्च ने इस आदत को बेहद खतरनाक बताया है. स्टडी में दावा किया गया है कि रात के समय रोशनी में सोने से दिल पर सीधा असर पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है.

स्टडी में क्या पाया गया?
यह स्टडी American Heart Association (AHA) Scientific Sessions 2025 में पब्लिश हुई है. जब हम रोशनी में सोते हैं, तो शरीर का नैचुरल स्लीप हार्मोन मेलाटोनिन कम बनने लगता है. यह हार्मोन दिल, दिमाग और ब्लड प्रेशर को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, कम रोशनी सहने के बावजूद शरीर रात में भी “दिन जैसा माहौल” महसूस करता है, इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हार्ट रेट तेज हो सकता है, तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) बढ़ जाता है, दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है
स्टडी में विशेषज्ञों ने कहा कि यदि यह रोजाना हो, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क दोगुना तक बढ़ सकता है.

शर्मनाक वजह: राह तकते रह गई Bride, नहीं आई बारात

दिल पर ऐसा क्यों पड़ता है असर?
रात वह समय है जब शरीर खुद को रिपेयर करता है, लेकिन रोशनी में सोने पर नींद की गहराई कम हो जाती है. शरीर पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता, दिल को आराम नहीं मिलता, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ती है. जो लोग पहले से ही BP, डायबिटीज या मोटापे से पीड़ित हैं, उन्हें यह आदत और अधिक नुकसान पहुंचा सकती है.

किन लोगों को ज्यादा खतरा?
हाई BP वाले मरीज, शुगर के रोगी, ज्यादा तनाव में रहने वाले लोग, मोटापे से परेशान लोग, बुजुर्ग जिनकी नींद पहले से हल्की होती है, इनके लिए रोशनी में सोना डबल रिस्क बन जाता है.

क्या करें? डॉक्टरों के सुझाव
पूरी तरह अंधेरे में सोएं, नाइट लैंप भी बहुत हल्का रखें, सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल/टीवी बंद कर दें
पर्दे ऐसे लगाएं कि बाहर की रोशनी अंदर न आए. अगर डर के कारण लाइट जलाकर सोते हैं, तो स्लीप लाइट का उपयोग करें जो बहुत हल्की हो, डॉक्टरों का कहना है कि “अंधेरे में सोना शरीर के लिए दवा जैसा है.”

यह भी पढ़े-Winter में अमरूद खाने का सही समय नहीं जानते? भारी पड़ सकता है!