Advertisement

प्रशासन को ठेंगा दिखा धड़ल्ले से अवैध निर्माण! बुजुर्ग विधवा की व्यथा- मकान जमींदोज होने का डर

Illegal construction is rampant, defying the administration! An elderly widow laments the fear of her house being razed to the ground.

साहिबाबाद (गाजियाबाद), 17 जनवरी 2026: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मैन श्याम पार्क, गली नंबर-2 (जोन-7) में बिल्डर का अवैध निर्माण अब जानलेवा बन गया है। नियमों को ताक पर रखकर हो रहे निर्माण से सरकारी बिजली खंभों को नुकसान पहुंचा है और 75 वर्षीय बीमार विधवा महिला का पुराना मकान ढहने की कगार पर पहुंच गया। इलाके में दहशत का माहौल है, लोग CM योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर’ का इंतजार कर रहे हैं।

बिल्डर की बेलगाम मनमानी: सुरक्षा मानकों की उड़ाई धज्जियां

स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि बिल्डर ने मकान का चज्जा 4-5 फीट बाहर निकालकर बिजली के सरकारी खंभों के ठीक ऊपर बना लिया। हाई-वोल्टेज तारों के इतने करीब निर्माण से कभी भी भयानक शॉर्ट सर्किट या अग्निकांड हो सकता है। गलत तरीके से हो रही खुदाई ने आसपास के पुराने मकानों की नींव को कमजोर कर दिया। निर्माणाधीन इमारत का भारी दबाव पड़ोसी भवनों पर पड़ रहा है, जिससे दरारें फैलने लगी हैं।

75 वर्षीय विधवा की मार्मिक पुकार: “इस उम्र में बेघर हो जाऊंगी”

पीड़ित बुजुर्ग विधवा ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, “मेरा पुराना मकान कभी भी जमींदोज हो सकता है। मैं अस्वस्थ रहती हूं, इस उम्र में सड़क पर आना पड़ेगा तो क्या करूंगी? बिल्डर को शिकायत करने पर धमकियां मिलती हैं।” निर्माण के कंपन से उनकी दीवारें टूटने लगी हैं और छत पर गहरी दरारें पड़ गई हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। मीडिया के जरिए भी उन्होंने अपनी फरियाद सार्वजनिक की है।

इलाके वालों का गुस्सा: प्रशासन सो रहा है या साठगांठ में?

क्षेत्र के निवासी हैरान हैं कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और जोन-7 के अधिकारी आंखें मूंदे क्यों हैं। सामाजिक संगठनों ने तत्काल जांच, अवैध हिस्सों को ध्वस्त करने, बिल्डर पर FIR दर्ज करने और पूरे निर्माण को सील करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक मकान का मसला नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का सवाल है। बिजली खंभों पर कब्जा और असुरक्षित निर्माण किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं—क्या कोई अनहोनी का इंतजार हो रहा है?

योगी मॉडल की अपेक्षा: बुलडोजर एक्शन से मिलेगी राहत

पीड़ित महिला और इलाके के लोग ‘बाबा के बुलडोजर’ पर भरोसा कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार के सख्त रवैये की मिसालें मौजूद हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का पालन हो। GDA को निर्देश देकर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। फिलहाल, विधवा महिला और पड़ोसी खौफ में जी रहे हैं।

यह भी पढ़ें – Patna : छात्रा से बलात्कार-हत्या! राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह का धरना, बिहार कानून पर सवाल