रामकोला उत्तर प्रदेश : के रामकोला नगर पंचायत इन दिनों अधिशासी अधिकारी (ईओ) की अनियमित उपस्थिति और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर चर्चा में है। स्थानीय सभासदों और नागरिकों का आरोप है कि ईओ का कार्यालय में आगमन-प्रस्थान अनिश्चित हो गया है, जिससे 7-7 दिन तक उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही।
बुनियादी सुविधाओं पर संकट
नाली, सड़क, जल निकासी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों पर लोग नगर पंचायत के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध नहीं। सभासदों ने चिंता जताई कि विकास कार्यों की निगरानी, शिकायत निस्तारण और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे होगा जब ईओ नियमित नहीं बैठते। कार्यालय में उपस्थिति समय सारिणी तक नहीं दिखाई देती, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
नागरिकों की शिकायतें और जवाबदेही का अभाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत लेकर पहुंचने पर हमेशा “साहब नहीं आए” या “बाहर गए हैं” जैसे जवाब मिलते हैं। यह स्थिति जनसेवा की भावना के विपरीत है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही। सभासदों की अनौपचारिक बातचीत में भी ईओ की गैरजिम्मेदारी पर नाराजगी है।
डीएम से मांग: तुरंत हस्तक्षेप
रामकोला की जनता और सभासदों की एक ही मांग है कि जिलाधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लें। ईओ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो, कार्यालय पारदर्शी बने और जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। रिपोर्ट: गिरजेश गोविन्द राव / कप्तानगंज
यह भी पढ़ें – खून के रिश्तों में डिजिटल डकैती : बहन-बहनोई ने बीमार भाई के 1.40 करोड़ उड़ा दिए

























