महराजगंज, 10 जनवरी 2026: भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी-करप्शन टीम ने पुलिस विभाग में सेंध लगाई। फरेंदा थाने के दारोगा मोहम्मद अशरफ खान (2019 बैच) को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। मामले ने महकमे में हड़कंप मचा दिया।
शिकायत से जाल बिछा एंटी-करप्शन: दबे पांव जांच
गाजीपुर निवासी दारोगा मोहम्मद अशरफ खान सदर कोतवाली से जुड़े एक मामले में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत मिलते ही एंटी-करप्शन ने गोपनीय जांच शुरू की। आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनी। तय समय पर जैसे ही दारोगा ने नोटस ठुसे, टीम ने धर दबोचा। रिश्वत की पूरी रकम बरामद।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस: जांच का दायरा बढ़ा
एंटी-करप्शन प्रभारी शिवमनोहर यादव ने पुष्टि की, “आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज। दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य एकत्र हो रहे।”
बाइट – शिवमनोहर यादव, एंटी-करप्शन प्रभारी:
“दारोगा ने मामले में कार्रवाई से बचाने के नाम पर 50 हजार लिए। रंगे हाथ पकड़ा, रिश्वत बरामद। जांच में किसी अन्य की संलिप्तता भी देखी जाएगी।”
अन्य अधिकारियों पर शिकंजा? व्यापक जांच का ऐलान
सूत्र बताते हैं, जांच का दायरा बढ़ सकता है। अन्य कर्मचारियों की भूमिका जांचे जाने की बात। एंटी-करप्शन ने साफ कहा—सभी दोषी बचेंगे नहीं। आधिकारिक बयान जल्द।
यह कार्रवाई यूपी एंटी-करप्शन के अभियान का हिस्सा। पुलिस महकमे में भ्रष्टाचारियों को चेतावनी।
रिपोर्ट : अश्वनी कुमार दुबे
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