कप्तानगंज/कुशीनगर: प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों से हो रही कथित अवैध वसूली को लेकर कुशीनगर जनपद में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस गंभीर मामले को लेकर पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन और शासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र लिखकर योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए सशक्त तंत्र विकसित करने की अपील की है।
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पूर्व विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रथम किस्त जारी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कई नगरों में पात्र लाभार्थियों से पहली ही किस्त में 30 से 35 प्रतिशत तक अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डूडा के कुछ कर्मचारी, स्थानीय प्रतिनिधि और अन्य बिचौलिये आपसी मिलीभगत से लाभार्थियों को भविष्य की किस्तें रोकने या योजना से वंचित करने की धमकी देकर उनसे जबरन धन की वसूली कर रहे हैं।
कुशीनगर में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
इतना ही नहीं, पूर्व विधायक ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि कई स्थानों पर लाभार्थियों के घर जाकर उनका आधार कार्ड और बैंक पासबुक ले ली जा रही है। कम पढ़े-लिखे और निरक्षर पात्रों से घर पर ही बैंक से धन निकासी के फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक और आपराधिक प्रकृति का कृत्य है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल किसी एक नगर तक सीमित नहीं है, बल्कि रामकोला सहित लगभग सभी नगरों में इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं।
पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने खोला मोर्चा
पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि आवास से वंचित किए जाने के भय के कारण अधिकांश लाभार्थी खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं, हालांकि अवैध वसूली की चर्चा पूरे नगर में आम हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लाभार्थियों को यह भरोसा दिलाया जाए कि शिकायत करने पर उनका आवास निरस्त नहीं किया जाएगा, ताकि वे निर्भीक होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठा सकें।
उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा ऐसा प्रभावी और पारदर्शी तंत्र विकसित करने का अनुरोध किया है, जिससे प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भय और भ्रष्टाचार के पहुँच सके।
यह मामला सामने आने के बाद आमजन में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि शासन इस गंभीर आरोप को लेकर क्या कदम उठाता है।
रिपोर्ट -गिरजेश गोविन्द राव /कप्तानगंज, सहारा समय
























