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गिरधर लाल श्रीराधा रानी का धूमधाम से विवाह: 3 किमी लंबी बारात, भक्ति का सैलाब

Girdhar Lal Shri Radha Rani's grand wedding: 3 km long procession, flood of devotion

बरसाना: धर्म नगरी बरसाना में बुधवार को भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब प्रसिद्ध कथावाचक इन्द्रेश उपाध्याय के ठाकुर श्री गिरधर लाल जी का विवाह लाड़ली जी श्रीराधा रानी के साथ अत्यंत धूमधाम से संपन्न हुआ। इस अलौकिक विवाह उत्सव के साथ ही गिरधर लाल अब ‘श्रीराधा गिरधर लाल’ के रूप में विराजे।

3 किलोमीटर लंबी भव्य बारात

ठाकुर जी की बारात का स्वरूप इतना भव्य था कि लगभग 3 किलोमीटर के दायरे में केवल झूमते-गाते बाराती ही नजर आ रहे थे। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन पर भक्त ‘राधे-राधे’ के जयघोष के साथ नाचते हुए चल रहे थे। जब बारात दरवाजे पर पहुंची, तो वधू पक्ष द्वारा ठाकुर जी और इन्द्रेश उपाध्याय का तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया।

वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुईं रस्में

विवाह की सभी रस्में पूर्णतः वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुईं। सबसे भावुक पल तब आया जब ठाकुर जी और ठकुरानी जी ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई। इसके बाद सात फेरों की रस्म शुरू हुई, जिसमें इन्द्रेश उपाध्याय ने अपने लाडले गिरधर लाल को और उनकी पत्नी शिप्रा ने श्रीराधा रानी को गोद में लेकर अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए। ठाकुर जी ने लाड़ली जी की मांग में सिंदूर भरा, जिसे देख उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा।

अलबेली शरण महाराज ने किया कन्यादान

इस दिव्य विवाह में श्रीराधा रानी के पिता की भूमिका अलबेली शरण महाराज ने निभाई। उन्होंने अत्यंत श्रद्धा के साथ अपनी बेटी (राधारानी) का हाथ इन्द्रेश उपाध्याय के ठाकुर जी के हाथों में सौंपा।

दिग्गज संतों और गायकों की उपस्थिति

उत्सव में भक्ति जगत की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। देवकीनंदन महाराज, कृष्ण चन्द्र ठाकुर जी, चित्र-विचित्र, पूनम दीदी और अलबेली शरण महाराज जैसे संतों ने भजनों पर नृत्य कर वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय कर दिया। श्रीकिर्ती गड़वी, दिव्यदास जी और पूनम दीदी ने मधुर ‘बधाई गान’ प्रस्तुत किए। संपूर्ण बरसाना इस समय ठाकुर जी के विवाह उत्सव के आनंद में डूबा हुआ है। महोत्सव के अगले चरण में गुरुवार को भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा।

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