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Ghaziabad : ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ में सफलता का परचम लहराकर लौटी 8th NDRF टीम

गाजियाबाद। भारत सरकार के मानवीय सहायता मिशन “ऑपरेशन सागर बंधु” के तहत श्रीलंका भेजी गई 8th NDRF गाजियाबाद की टीम रविवार को सफलतापूर्वक वापस लौट आई। टीम ने वहां राहत और बचाव कार्यों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई और कई जिंदगियों को सुरक्षित निकालकर भारत का मान बढ़ाया। गाजियाबाद स्थित 8th बटालियन मुख्यालय पहुंचने पर टीम का जोरदार स्वागत किया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने फूलमालाओं के साथ वीर जवानों का सम्मान किया। डायबिटीज कंट्रोल करें: 5 आयुर्वेदिक Remedies, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

टीम के लौटने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में कमांडेंट ने बताया कि श्रीलंका में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद भारत सरकार ने तत्काल सहायता भेजने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में 8th NDRF की एक प्रशिक्षित टीम को आधुनिक उपकरणों, मेडिकल किट और आपदा प्रबंधन संसाधनों के साथ श्रीलंका रवाना किया गया। टीम ने वहां पहुंचकर सबसे पहले हालात का आकलन किया, फंसे हुए लोगों की लोकेशन ट्रैक की और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। हेयर ग्रोंथ के 10 टिप्स: नेचरोपैथी Treatment

NDRF जवानों ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि श्रीलंका में तबाही का मंजर बेहद भयावह था। कई इलाके पूरी तरह जलमग्न थे, सड़कें टूटी हुई थीं और लोग घरों की छतों व ऊँचे स्थानों पर फंसे हुए थे। टीम ने कठिन परिस्थितियों में नावों और एडवांस रेस्क्यू गियर्स का उपयोग करते हुए राहत कार्यों को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि कई बार तेज धार, तेज हवाओं और लगातार बारिश के बीच काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम भावना और प्रोफेशनल ट्रेनिंग ने हर मुश्किल को आसान बनाया।

एक जवान ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान उन्हें कई परिवार मिले जो कई दिनों से भोजन और पानी के बिना फंसे थे। सबसे पहले उनकी मेडिकल जांच की गई, प्राथमिक उपचार दिए गए और फिर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। टीम ने स्थानीय बच्चों को भी काउंसलिंग दी ताकि आपदा के बाद पैदा हुए भय और तनाव को कम किया जा सके।

कमांडेंट ने कहा कि ऑपरेशन सागर बंधु सिर्फ राहत और बचाव कार्य नहीं है, बल्कि यह भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत मित्रता और मानवीय सहयोग का प्रतीक है। भारत हमेशा पड़ोसी देशों की मदद के लिए तैयार रहता है और NDRF की यह सफल तैनाती उसी भावना का उदाहरण है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने मिशन के दौरान सीखे गए अनुभवों को डॉक्यूमेंट किया है, जो भविष्य की आपदा प्रबंधन रणनीतियों में उपयोगी साबित होंगे।

टीम की वापसी पर गाजियाबाद में खुशी का माहौल रहा। अधिकारियों ने कहा कि 8th NDRF बटालियन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपदा के समय भारत की उम्मीदों का सबसे भरोसेमंद नाम NDRF है। वीर जवानों की पेशेवर दक्षता, हिम्मत और मानवीय संवेदनशीलता हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।

Report : फारूक सहारा समय गाजियाबाद