कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के रायपुर खास गांव में इन दिनों एक अनोखी घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक किसान के खेत में पड़ा सूखा पीपल का पेड़ अचानक खड़ा हो गया, जिसे लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
जानकारी के मुताबिक रायपुर खास गांव के टोला रंगपुर के पश्चिम स्थित एक खेत में करीब दो साल पहले आंधी के दौरान एक पुराना पीपल का पेड़ गिर गया था। तब से यह सूखा पेड़ खेत में ही पड़ा हुआ था।
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बीते दिनों जब कुछ ग्रामीण खेत की ओर जाने वाले रास्ते से गुजर रहे थे, तो उनकी नजर इस सूखे पेड़ पर पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि जो पेड़ लंबे समय से जमीन पर पड़ा था, वह अचानक खड़ा दिखाई दिया। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
गांव के प्रदीप दुबे, गोविंद, रामचंद्र, राजू, लल्लन, मंटू, महेश, अच्छेलाल, राजा, अशोक, नागेंद्र और सुभाष सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले आंधी में यह पेड़ गिर गया था। उस समय इसकी कई सूखी टहनियां भी लोग काटकर ले गए थे।
इधर गांव की कुछ महिलाओं ने इस घटना को चमत्कार मानते हुए सूखे पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। महिलाओं का कहना है कि पेड़ से जुड़ी कुछ असामान्य बातों को लेकर गांव में आस्था बढ़ती जा रही है।
हालांकि गांव के कई लोग इसे सामान्य प्राकृतिक घटना मान रहे हैं। उनका कहना है कि आंधी-तूफान के कारण पेड़ों का गिरना और खड़ा होना प्राकृतिक प्रक्रिया भी हो सकती है, इसमें किसी रहस्य की बात नहीं है।
फिलहाल यह सूखा पीपल का पेड़ पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
रिपोर्ट- आनन्द सिंह, सहारा समय
























