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U-19 World Cup Final: 15 चौके -15 छक्के मात्र 30 गेंदों में 150 रन, Vaibhav Sooryavanshi का जलजला

U-19 World Cup Final: 15 fours-15 sixes, 150 runs in just 30 balls, Vaibhav Sooryavanshi's fire

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार शतक लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबाव वाले मैच में उन्होंने जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज़ से बल्लेबाजी की, उसने भारत को मैच में मजबूत स्थिति दिला दी। उनकी यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई अहम रिकॉर्ड भी टूटे और उन्हें भविष्य के बड़े स्टार के रूप में देखा जाने लगा।

दबाव में खेली परिपक्व पारी

फाइनल मैच हमेशा खास होता है और युवा खिलाड़ियों के लिए दबाव भी ज्यादा रहता है। लेकिन सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही सकारात्मक क्रिकेट खेला। उन्होंने तेज स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए, खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया और जरूरत पड़ने पर धैर्य भी दिखाया।

उनकी बल्लेबाजी में तकनीक और आक्रामकता का शानदार संतुलन देखने को मिला, जो इस उम्र के खिलाड़ी के लिए बेहद खास माना जाता है।

भारत U19 – बल्लेबाजी (मुख्य स्कोर)

  • वैभव सूर्यवंशी — 175 रन (80 गेंद)
    • 15 चौके, 15 छक्के
  • अन्य बल्लेबाजों ने भी योगदान दिया, जिससे टीम 300 रन के पार पहुंची।
  • उनकी यह पारी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल इतिहास की सबसे बड़ी पारियों में गिनी जा रही है।
  • भारत U19: 300+ रन (लगभग 34 ओवर के आसपास)

खास बातें

  • फाइनल में सबसे तेज शतक में शामिल पारी।
  • एक ही पारी में 15 छक्के – बड़ा रिकॉर्ड।
  • भारत को मैच में मजबूत बढ़त दिलाई।

रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम

इस शतक के साथ सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में कई उपलब्धियां हासिल कीं।

  • फाइनल जैसे बड़े मंच पर शानदार शतक लगाकर उन्होंने खास उपलब्धि दर्ज की।
  • उनकी पारी टूर्नामेंट की सबसे चर्चित पारियों में शामिल हो गई।
  • युवा स्तर पर उनकी निरंतरता ने चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वे इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो जल्द ही सीनियर स्तर पर भी अवसर मिल सकता है।

कम उम्र में बड़ा आत्मविश्वास

वैभव सूर्यवंशी की खास बात उनका आत्मविश्वास है। कम उम्र में ही बड़े मैचों में संयम बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने जिस तरह जिम्मेदारी संभाली, वह उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है।

उनकी फिटनेस, शॉट चयन और खेल की समझ बताती है कि वे सिर्फ प्रतिभाशाली ही नहीं, बल्कि मेहनती खिलाड़ी भी हैं।

भारतीय क्रिकेट को मिला नया सितारा

भारत में अंडर-19 स्तर से कई बड़े खिलाड़ी निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छाए हैं। सूर्यवंशी की यह पारी भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिख रही है। फाइनल में उनका प्रदर्शन युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

कोच और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि सही मार्गदर्शन और लगातार मेहनत से वे आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के अहम खिलाड़ी बन सकते हैं।

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी का शतक भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का पल रहा। उन्होंने न सिर्फ टीम को मजबूती दी बल्कि यह भी साबित किया कि भारत की युवा क्रिकेट प्रतिभा लगातार निखर रही है। अगर उनका यह प्रदर्शन जारी रहा तो भविष्य में वे भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।

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