महाराष्ट्र की राजनीति को 28 जनवरी 2026 को एक बड़ा झटका लगा, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता Ajit Pawar का एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। बारामती के पास हुए इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ उनके समर्थकों बल्कि पूरे राजनीतिक जगत को स्तब्ध कर दिया। अपने लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक सफर में अजित पवार ने सत्ता, रणनीति और विवाद — तीनों को बेहद करीब से देखा। इस लेख में जानिए अजित पवार की मौत कैसे हुई, हादसे की पूरी जानकारी और उनका अब तक का राजनीतिक सफर।
अजित पवार की मौत: कैसे हुआ भीषण विमान हादसा?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता Ajit Pawar का 28 जनवरी 2026 को एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। यह हादसा महाराष्ट्र के बारामती (पुणे जिला) के पास उस समय हुआ, जब उनका निजी विमान लैंडिंग की तैयारी कर रहा था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान मुंबई से बारामती आ रहा था। लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी के कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह खेत में जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की मुख्य बातें
- घटना सुबह के समय लैंडिंग के दौरान हुई
- विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया
- अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत
- राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया
हादसे की जांच DGCA और स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही है। शुरुआती रिपोर्ट में तकनीकी खराबी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अजित पवार कौन थे?
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली और मजबूत नेताओं में गिने जाते थे। वे NCP प्रमुख शरद पवार के भतीजे थे और अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए जाने जाते थे।
- पूरा नाम: अजित अनंतराव पवार
- जन्म: 22 जुलाई 1959
- जन्म स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
- पार्टी: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)
अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार ने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रखा और तेजी से सत्ता के केंद्र में पहुंचे।
विधायक से उपमुख्यमंत्री तक
- 1991 में पहली बार विधायक बने
- कई बार बारामती से चुनाव जीता
- महाराष्ट्र सरकार में सिंचाई, वित्त और ग्रामीण विकास जैसे अहम मंत्रालय संभाले
- अब तक पाँच बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने
उनकी पहचान एक मजबूत प्रशासक और आक्रामक रणनीतिकार की रही।
2019 और 2023 के राजनीतिक फैसले
अजित पवार ने 2019 में BJP के साथ सरकार बनाने का प्रयास किया, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आया।
2023 में उन्होंने NCP में बड़ी टूट का नेतृत्व किया और सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री बने।
इन फैसलों ने उन्हें विवादों में भी रखा, लेकिन उनकी राजनीतिक पकड़ हमेशा बनी रही।
विवाद और आलोचनाएं
अपने लंबे राजनीतिक करियर में अजित पवार कई बार विवादों में रहे:
- सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े आरोप
- तीखे और विवादित बयान
- विपक्ष के साथ खुली टकराव वाली राजनीति
हालांकि, वे हर चुनौती से उबरकर दोबारा मजबूत होकर उभरे।
महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा झटका
अजित पवार की अचानक मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
सत्तापक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और इसे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
अजित पवार का निधन एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।
उनका राजनीतिक सफर संघर्ष, सत्ता, विवाद और प्रभाव से भरा रहा। महाराष्ट्र की राजनीति में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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