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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के विरोध में उग्र प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का पुतला फूंका

Violent protests erupt in Sripur against violence against Hindus in Bangladesh, Prime Minister's effigy burnt

गोपालगंज : बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर कथित अत्याचार और हिंसा की बढ़ती घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को गोपालगंज जिले के श्रीपुर में बंगाली समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। श्रीपुर कांटा बाजार के चारमुहानी चौक पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने एकत्र होकर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री का पुतला चप्पल और जूते की माला पहनाकर दहन किया

प्रदर्शन के दौरान जमकर “जैसे पाकिस्तान पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक, वैसे ही बांग्लादेश पर हो कार्रवाई” जैसे नारे लगे। इससे पूरे बाजार क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा–तफरी का माहौल बन गया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप: “बांग्लादेश में हिंदू असुरक्षित”

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं हैं और वहां लगातार हिंसा, उत्पीड़न व हत्याओं की घटनाएं हो रही हैं। कई जगहों पर हिंदू युवाओं की पिटाई कर हत्या तक कर दी जा रही है, जबकि सरकार और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के साथ अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं, और बांग्लादेश की सरकार को सबकुछ पता होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

भारत सरकार से सख्त कदम की मांग

बंगाली समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीगृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की कि वे इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करें। उन्होंने भारत सरकार से बांग्लादेश पर कड़ा रुख अपनाने और वहां हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने भारत-बांग्लादेश व्यापारिक संबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब किसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित नहीं है, तो ऐसे देश के साथ व्यापार नहीं होना चाहिए।” उनका कहना था कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत के सहयोग पर निर्भर है, इसके बावजूद वहां कट्टरपंथी ताकतें हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं।

प्रशासन ने संभाली स्थिति

प्रदर्शन के दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण रहा, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। किसी बड़े अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं रुके, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

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