संवाददाता, गोपालगंज। बिहार के प्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे दुर्गा मंदिर में हुई चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए गोपालगंज पुलिस ने एक बड़ी सफलता अर्जित की है। सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) और अपराधियों के बीच मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी इस्माइल आलम के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी, फायरिंग में घायल हुआ आरोपी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी थावे थाना क्षेत्र के रिखई टोला के पास छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जब उस इलाके में छापेमारी की, तो अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में इस्माइल आलम के पैर में गोली लग गई और उसे धर दबोचा गया।
मौके से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और चोरी का सामान बरामद किया है। बरामद किए गए सामान में मां दुर्गा के मुकुट के कुछ हिस्से शामिल हैं, जो मंदिर से चोरी हुए थे। पूछताछ के दौरान इस्माइल आलम ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए चोरी में शामिल पूरे गैंग के सदस्यों के नाम और चोरी किए गए आभूषणों के ठिकाने की जानकारी पुलिस को दी है।
एसपी बोले— जल्द होंगे सभी आरोपी गिरफ्तार
एसपी अवधेश दीक्षित ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT लगातार इस मामले पर काम कर रही थी। उन्होंने कहा, “पुलिस बहुत जल्द गैंग के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार करेगी और चोरी हुए सभी आभूषण बरामद कर लेगी। यह मामला अपने पूर्ण उद्वेदन के करीब है।”
थावे मंदिर चोरी की घटना ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे बिहार में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया था। अब पुलिस की यह कार्रवाई मामले में एक बड़ी प्रगति मानी जा रही है।
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