सुपौल। सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 26 की हालत अब बद से बदतर हो चुकी है। जाम नालियां, सड़क पर अतिक्रमण और मछली मार्केट की असहनीय बदबू ने स्थानीय लोगों का जीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। वार्डवासी शामसाद आलम सहित अन्य निवासियों ने स्वच्छता पदाधिकारी शालू सिंह को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पटेल चौक-बीना मार्ग पर अतिक्रमण से जाम
शिकायत में बताया गया कि पटेल चौक से बीना जाने वाली मुख्य सड़क पर मछली-मुर्गा दुकानों का खुला अतिक्रमण हो गया है। सड़क के दोनों ओर दुकानें लगने से यह मार्ग हमेशा जाम रहता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आने-जाने में भारी कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण बार-बार विवाद और कभी-कभी मारपीट तक की नौबत आ जाती है, लेकिन नगर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
2 साल से जाम नालियां, बरसात में घरों में पानी
वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि पिछले दो सालों से नालियों की कोई सफाई नहीं कराई गई। सभी नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है जब घरों में पानी घुसने लगता है। जाम नालियों के गंदे पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और डेंगू-मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है।
मछली मार्केट की बदबू से सांस लेना मुश्किल
मछली मार्केट से उठने वाली तीखी दुर्गंध ने आसपास के इलाकों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही। गर्मी के दिनों में यह बदबू असहनीय हो जाती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ रही है। कई मौखिक शिकायतों के बावजूद नगर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
स्वच्छता पदाधिकारी का आश्वासन
स्वच्छता पदाधिकारी शालू सिंह ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही नालियों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और दुर्गंध दूर करने के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने ठेकेदारों और सफाई कर्मियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया है।
आंदोलन की चेतावनी
वार्डवासियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि नगर प्रशासन ने जल्द स्थायी समाधान नहीं किया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है। वार्ड 26 की बदहाली ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट: मो. अख्तरूल इस्लाम, सुपौल
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