सिवान में चुनाव के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है — आखिर महाराजगंज विधानसभा की वीवीपैट (VVPAT) पर्चियां यहां कैसे पहुंचीं? सोमवार को सिवान के मौली के पठान इलाके में कुछ लोगों को सड़क किनारे फेंकी गईं वीवीपैट पर्चियां मिलीं, जिन पर महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के नाम दर्ज हैं.
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दी, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया. लोग अब यह जानना चाहते हैं कि जब ये पर्चियां महाराजगंज विधानसभा से जुड़ी हैं, तो वे सिवान जिले में कैसे पहुंच गईं?
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यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न उठाता है. चुनाव के बाद बिहार के कई जिलों से वीवीपैट पर्चियों के खुले में मिलने की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिससे जनता में आक्रोश और अविश्वास बढ़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव आयोग को इस घटना की उच्चस्तरीय जांच करवानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके. वहीं, प्रशासन ने बताया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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जनता के मन में अब बस एक ही सवाल गूंज रहा है —“आखिर वीवीपैट पर्चियां खुले में कैसे पहुंच रही हैं?”


























