Lakhisarai : श्रृंगीऋषि आश्रम लखीसराय पर आधारित श्री मोरारजी बापू की राम कथा 3 से 11 जनवरी तक बहेगी भगवान राम की गंगा। अशोकधाम मंदिर परिसर में नौ दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव, लाखों श्रद्धालुओं का आगमन सुनिश्चित। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल का विस्तृत जायजा लिया, सुरक्षा-यातायात की पूरी तैयारी।

राम कथा आयोजन का भव्य स्वरूप
लखीसराय जिले के अशोकधाम मंदिर परिसर में, जो लगभग 25 एकड़ भूमि पर फैला है, विश्वविख्यात राम कथा वाचक श्री मोरारजी बापू 3 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक नौ दिवसीय राम कथा का वाचन करेंगे। यह कथा विशेष रूप से लखीसराय के पौराणिक धर्मस्थल श्रृंगीऋषि आश्रम पर आधारित होगी, जो रामायण की घटनाओं से गहराई से जुड़ा है।
कथा का समय निर्धारित है सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक, जिसमें श्रद्धालु भगवान राम की लीला का रसास्वादन करेंगे। उद्घाटन सत्र 3 जनवरी को विशेष होगा, जब श्री बापू संध्या 4 बजे से 7 बजे तक कथा सुनाएंगे। आयोजन समिति के सदस्य शुभकरण त्रिवेणी कानोडीया, इंद्रधनेश्वर महादेव ट्रस्ट और अशोकधाम मंदिर कमिटी ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

प्रतिदिन करीब दस हजार श्रद्धालुओं के आने की व्यवस्था है, ताकि सुव्यवस्थित तरीके से सभी राम कथा का लाभ उठा सकें। यह आयोजन न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे बिहार और पड़ोसी राज्यों के भक्तों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा। श्री मोरारजी बापू की कथा शैली अपनी सरलता, भावुकता और राम भक्ति के कारण लाखों को आकर्षित करती है, और इस बार श्रृंगीऋषि आश्रम की पृष्ठभूमि इसे और भी विशेष बना देगी।
प्रशासन का सघन निरीक्षण और निर्देश
शुक्रवार को जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने अशोकधाम मंदिर परिसर का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और समग्र प्रशासनिक तैयारियों का मूल्यांकन था। डीएम ने कार्यक्रम स्थल के प्रवेश-निकास द्वार, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन यंत्र, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय सुविधा, विद्युत प्रकाश व्यवस्था तथा चिकित्सा इकाई का गहन अवलोकन किया।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। एसपी अजय कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिस इकाई, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया। अशोकधाम में विशेष थाना खोल दिया गया है, जिसके थानाध्यक्ष अमित कुमार हैं। सभी तैनात अधिकारी इस थानाध्यक्ष के निर्देश मानेंगे।
दंडाधिकारी और पुलिस तीन शिफ्टों में तैनात, पहले शिफ्ट के अधिकारी दूसरे के आने तक ड्यूटी पर रहेंगे। कला संस्कृति विभाग के मृणाल रंजन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। डीएम ने सभी अधिकारियों, पत्रकारों और आयोजकों को आईकार्ड साथ रखने की अपील की। निरीक्षण के दौरान आयोजक अभिषेक कानोडीया, डॉ. कुमार अमित और डॉ. प्रवीण कुमार सिंहा से भी चर्चा हुई, जिन्हें प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने को कहा गया।

श्रृंगीऋषि धाम का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व
लखीसराय जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर पूर्व दिशा में चानन और सूर्यगढ़ा प्रखंडों की सीमा पर स्थित श्रृंगीऋषि आश्रम प्राचीन काल से आध्यात्मिक रस्मों और लोक गाथाओं का केंद्र रहा है। यह धाम ऊंचे श्रृंग पर्वतों, घाटियों, जंगलों, झाड़ियों और छोटी-छोटी नदियों से घिरा है। रामायण के अनुसार, अयोध्या नरेश राजा दशरथ पुत्ररत्न की प्राप्ति हेतु यहां पहुंचे थे। लोमस ऋषि के पुत्र श्रृंगीऋषि ने यज्ञ कराया, जिससे राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जन्मे।
बाद में चारों भाइयों का मुंडन संस्कार भी यहीं हुआ। महाकवि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस में लिखा: “श्रृंगीऋषि वशिष्ठ बुलावा, पुत्र हेतु लगे यज्ञ करावा।” युवा कवि-साहित्यकार डॉ. एस.पी. चीड़ीमार ने पुस्तक ‘युवा वर्ग: समस्या और समाधान’ में धाम का विस्तृत वर्णन किया। मूलतः पर्वतीय खोह में स्थित, दिन में कम धूप मिलती। जंगली जीवों का निवास। पहुंचना साहसपूर्ण। बापू की कथा इस धरोहर को नई ऊंचाई देगी।

सुरक्षा व्यवस्था और अपीलें
आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद सतर्क। डीएम मिश्रा: “समन्वय से शांतिपूर्ण आयोजन।” एसपी कुमार: “थाना प्रभारी के आदेश पालन।” ट्रैफिक चोक से बचाव हेतु प्लान। आयोजकों से सहयोग की अपेक्षा। मोरारजी बापू कथा लखीसराय को गौरवान्वित करेगी।
रिपोर्ट – कृष्णदेव/लखीसराय
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