Shambhu Girls Hostel Patna के बारे में डीटेल्स बताएं, किसका है?
- शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Shambhu Girls Hostel) की संचालक: नीलम अग्रवाल
- नीलम अग्रवाल के पति शंभू अग्रवाल का निधन हो चुका है।
- नीलम अग्रवाल के दो बेटे: श्रवण और अंशु
- जिस बिल्डिंग में हॉस्टल चलता है, उसके मालिक: मनीष रंजन
- मनीष रंजन पर लंबे समय से पटना में सेक्स रैकेट चलाने का आरोप है।
- मनीष रंजन उसी बिल्डिंग के ऊपरी फ्लैट में अपने परिवार के साथ रहता है।
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5 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
- मृतक छात्रा जहानाबाद से पटना शाम को हॉस्टल पहुंचती है।
- रात करीब 9 बजे परिजनों से उसकी आखिरी फोन पर बात होती है।
- इसके बाद छात्रा से कोई संपर्क नहीं हो पाता।
-6 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
- शाम को परिजनों को हॉस्टल प्रबंधन या स्टाफ नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा सूचना दी जाती है कि छात्रा की तबीयत खराब है और वह डॉ. सहजानंद हॉस्पिटल में भर्ती है।
- परिजन अपने परिचित को अस्पताल भेजते हैं।
- परिचित जब डॉ. सहजानंद हॉस्पिटल पहुंचता है (जो हॉस्टल के बगल में ही है), तो छात्रा बेहोशी की हालत में भर्ती मिलती है।
- डॉ. सहजानंद छात्रा को सेंट्रल हॉस्पिटल, पटना रेफर करते हैं।
- लेकिन हॉस्टल की केयर टेकर नीतू, छात्रा को सेंट्रल हॉस्पिटल न ले जाकर प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल ले जाती है।
- रात करीब 8 बजे छात्रा के परिजन प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंचते हैं।
- उसी रात एक महिला SI परिजनों से अस्पताल में मिलती हैं और संदेह होने पर कॉल करने के लिए अपना नंबर देती हैं।
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7 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
- छात्रा पूरे दिन प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती रहती है।
- डॉक्टर इस दिन यह स्पष्ट नहीं करते कि छात्रा के साथ क्या हुआ है।
- छात्रा बेहोश रहती है।
- उसी दिन छात्रा का एक रिश्तेदार शंभू गर्ल्स हॉस्टल जाता है।
- हॉस्टल में अन्य छात्राएं मौजूद होती हैं, लेकिन कोई खुलकर बात नहीं करती।
- छात्रा का कमरा पूरी तरह साफ पाया जाता है।
- बाद में एक छात्रा फोन पर बताती है कि
- “वॉर्डन आंटी CCTV फुटेज चेक कर रही हैं।”
- “कल रात करीब 10 बजे मेरी उससे बात हुई थी।”
-8 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
- शाम को प्रभात मेमोरियल के डॉक्टर अभिषेक परिजनों को बताते हैं कि
- छात्रा के साथ शारीरिक रूप से कुछ गलत हुआ है,
- चोट के निशान हैं और ब्लीडिंग हुई है।
- शाम करीब 6 बजे छात्रा को होश आता है।
- मां को देखकर छात्रा रोने लगती है और कहती है — “मेरे साथ गलत हुआ है।”
- इसके तुरंत बाद डॉक्टर परिजनों को बाहर कर देते हैं।
- उसी दिन छात्रा के रिश्तेदार दोबारा हॉस्टल जाते हैं।
- उस समय केयर टेकर चंचला मौजूद होती है।
- छात्रा के कमरे से उसका सामान और लगभग ₹11,000 नकद निकाला जाता है।
- फर्श पूरी तरह साफ था, लेकिन सामान बिखरा हुआ था।
-9 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
- परिजन महिला SI द्वारा दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं।
- कदमकुआं थाना की पुलिस पहुंचती है और बयान लेती है।
- केस को चित्रगुप्त नगर थाना ट्रांसफर किया जाता है।
- थाना प्रभारी रोशनी कुमारी प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंचती हैं।
- वह परिजनों का बयान और छात्रा की तस्वीरें लेकर जाती हैं।
- छात्रा लगातार बेहोश रहती है।
- शाम को नीलम अग्रवाल अस्पताल पहुंचती हैं।
- खुद को हॉस्टल की मालकिन बताकर कहती हैं कि
- “हॉस्टल बदनाम हो जाएगा, केस वापस ले लीजिए, मैनेज कर लेते हैं।”
- परिजनों और नीलम अग्रवाल के बीच तीखी बहस होती है।
- परिजन थाना प्रभारी रोशनी कुमारी को फोन करते हैं।
- रोशनी कुमारी तुरंत अस्पताल पहुंचती हैं।
- रोशनी कुमारी और नीलम अग्रवाल के बीच भी विवाद होता है।
- मौके पर मौजूद एक महिला कांस्टेबल नीलम अग्रवाल को थप्पड़ मारती है।
- नीलम अग्रवाल को थाना ले जाया जाता है, लेकिन बाद में परिजनों को पता चलता है कि उन्हें थाने से छोड़ दिया गया।
- पूरी रात छात्रा बेहोश रहती है।
-10 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
- परिजन छात्रा को प्रभात मेमोरियल से निकालना चाहते हैं।
- डॉक्टर सतीश जाने से रोकते हैं।
- ICU में डॉक्टर और परिजनों के बीच बहस और धक्का-मुक्की होती है।
- दोपहर करीब 2–3 बजे परिजन छात्रा को मेदांता हॉस्पिटल ले जाते हैं।
- मेदांता में डॉक्टर पहले ही बताते हैं कि छात्रा के बचने की संभावना सिर्फ 1% है। इसके बावजूद छात्रा को एडमिट कराया जाता है।
-11 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
दोपहर 12:34 बजे मेदांता हॉस्पिटल छात्रा को मृत घोषित करता है।
-12 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
- शव को PMCH पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाता है। शाम को शव PMCH से बाहर आता है। अंतिम संस्कार के लिए शव को गुलबी घाट ले जाया जाता है। PMCH की पोस्टमार्टम टीम के एक डॉक्टर परिजनों से चुपके से कहते हैं: “आपकी बेटी के साथ रेप हुआ है, शव मत जलाइए।”
- इसके बाद शव को गुलबी घाट से वापस कारगिल चौक लाया जाता है। मौके पर ASP कुमार अभिनव पहुंचते हैं और कहते हैं: “आपको बरगलाया गया है, रेप नहीं हुआ है।” कारगिल चौक पर पुलिस लाठीचार्ज करती है। एंबुलेंस से शव को दोबारा गुलबी घाट ले जाया जाता है। परिजन मजबूरी में अंतिम संस्कार करते हैं।
-15 जनवरी 2026 को क्या हुआ?
थाना प्रभारी रोशनी कुमारी परिजनों को सुबह 10 बजे पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के लिए बुलाती हैं। रिपोर्ट रात 8 बजे दी जाती है। परिजनों के एक रिश्तेदार को कथित रूप से धमकी दी जाती है —“10 साल बाद सोच लेना क्या होगा।” पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लिखा रहता है- सेक्सुअल असॉल्ट से इनकार नहीं किया जा सकता है। यानी रेप की पूरी आशंका। फिर भी पुलिस ने इस केस को रफा दफा करने की कोशिश की।
सहारा समय के जरूरी सवाल
कई दिनों तक मामले को दबाने की कोशिश हुई। बिहार की इस बेटी को न्याय मिल पाता है या एक और रसूखदार अपराधी खुलेआम सड़क पर घूमते हुए विधायक-मंत्री बनता है।























