छपरा: बिहार में बढ़ती ठंड अब जानलेवा होती जा रही है। जिले के भगवान बाजार थाना क्षेत्र स्थित अंबिका कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह हादसा शुक्रवार देर रात उस समय हुआ, जब परिवार के आठ सदस्य ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोए हुए थे। कमरे के दरवाज़े और खिड़कियाँ बंद थीं, जिससे अंगीठी के धुएं ने ऑक्सीजन की कमी पैदा कर दी। दम घुटने की वजह से तीन बच्चों और एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
बंद कमरे में अंगीठी बनी मौत की वजह
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रात में जब परिजन सोए थे, तो कमरा पूरी तरह बंद था और अंदर अंगीठी जल रही थी। सुबह जब घर के अन्य सदस्य उठे, तो अंदर के कमरे से कोई आवाज़ नहीं आई। जब दरवाज़ा खोला गया, तो सभी लोग बेहोश मिले। परिजनों ने तत्काल सभी को लेकर सदर अस्पताल, छपरा पहुँचाया, जहाँ डॉ. संतोष कुमार ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया और बाकी चार का इलाज़ शुरू किया।
मृतकों में 70 वर्षीय कमलावती देवी (राम लखन सिंह की पत्नी), 3 वर्षीय तेजांश कुमार (विजय कुमार का पुत्र), 9 माह की गुड़िया कुमारी (विजय कुमार की पुत्री), और 7 माह की आद्या कुमारी (आर्य सिंह की पुत्री) शामिल हैं।
इलाजरत लोगों में अनीषा सिंह (25 वर्ष), आर्या सिंह (24 वर्ष), आर्या कुमारी (25 वर्ष) और सोनू उर्फ अमित शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारी पहुँचे अस्पताल और मौके पर शुरू हुई जांच
घटना की सूचना मिलते ही एएसपी सदर राम पुकार सिंह, टाउन थाना प्रभारी संजीव कुमार और भगवान बाजार थाना प्रभारी सुभाष सिंह घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह दम घुटने से हुई मौत का मामला प्रतीत होता है। साथ ही शहरवासियों को आगाह किया गया है कि ठंड के दौरान बंद कमरों में अंगीठी या कोयला जलाने से बचे, क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर बढ़ जाता है, जो नींद में ही घातक साबित हो सकता है।
पूरे शहर में छाया मातम, प्रशासन ने की अपील
इस हृदयविदारक घटना से छपरा शहर में शोक की लहर है। आसपास के लोग सदर अस्पताल पहुँचकर पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित विकल्पों का इस्तेमाल करें और कमरों को पूरी तरह बंद न करें। फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट: पंकज श्रीवास्तव, छपरा
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