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मोरारी बापू का श्रृंगीऋषि आश्रम में 12 फीट प्रतिमा अनावरण: उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Morari Bapu's 12-foot statue unveiled at Shringirishi Ashram; devotees throng

लखीसराय : के प्राचीन श्री श्रृंगीऋषि आश्रम में भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। राष्ट्रसंत मोरारी बापू ने मानस श्रृंगीऋषि रामकथा के बाद गुरुवार संध्या को आश्रम पहुंचकर 12 फीट ऊंची श्रृंगी मुनि प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। पूरा परिसर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर हो गया। डीसीएम विजय कुमार सिन्हा 11 जनवरी को इसका लोकार्पण करेंगे।

मोरारी बापू का आगमन और अनावरण का भव्य क्षण

मोरारी बापू के आगमन से आश्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद श्रृंग मुनि की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा रचनात्मक सलाहकार रविराज पटेल ने बताया, “अनावरण होते ही जयकारों और तालियों की गूंज से क्षण यादगार बन गया।”

बापू ने श्रृंगीऋषि की तपस्या, त्याग और रामायण योगदान पर सारगर्भित संदेश दिया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए। आदिवासी कलाकारों के ढोल नृत्य ने स्वागत को और भव्य बनाया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों से आश्रम आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा।

प्रमुख अतिथि और आयोजक

कार्यक्रम में डीएम मिथिलेश मिश्रएसपी अजय कुमारएसडीओ प्रभाकर कुमारप्रभारी पर्यटन शशि कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन उपस्थित रहे।

श्री शुभकरण त्रिवेणी न्यास (रामकथा आयोजक) से अभिषेक कनोडियाकृष्ण कुमार जालान और अखिलेश खेमका। अशोक धाम ट्रस्ट से डॉ. कुमार अमितडॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा और राजेंद्र सिंघानिया ने सहयोग दिया।

श्रृंगीऋषि का महत्व और आश्रम की विरासत

श्रृंगीऋषि रामायण के प्रमुख तपस्वी हैं, जिनकी कथा भक्ति का प्रतीक है। यह प्रतिमा आश्रम की आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करेगी। मोरारी बापू की रामकथा ने पहले ही लाखों को आकर्षित किया था। सैकड़ों श्रद्धालुओं का उत्साह आस्था का जीवंत प्रमाण था।

लोकार्पण की तैयारी और भविष्य

11 जनवरी को डीसीएम विजय सिन्हा लोकार्पण करेंगे। आयोजकों ने बताया कि यह धाम श्रृंगीऋषि भक्तों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कार्यक्रम ने सांस्कृतिक-सामाजिक एकता का संदेश दिया।

लखीसराय एक बार फिर आध्यात्मिक नक्शे पर चमका। ऐसे आयोजन बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करते हैं।

रिपोर्ट : कृष्णदेव प्रसाद यादवलखीसराय

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