लखीसराय : जिले ने दिव्यांग सशक्तिकरण की मिसाल कायम की है। गुरुवार को जिला खेल भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) मिथिलेश मिश्र ने 30 लाचार दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम हाथ-पैर प्रदान किए। यह पहल जिला प्रशासन और भारत विकास एवं संजय आनंद दिव्यांग अस्पताल सह रिसर्च सेंटर, पटना के सहयोग से हुई। कार्यक्रम ने न सिर्फ दिव्यांगों के चेहरों पर खुशी बिखेरी, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश दिया।

कैसे शुरू हुई यह सराहनीय मुहिम?
यह अभियान 2 जनवरी 2026 को लगाए गए विशेष शिविर से शुरू हुआ। शिविर में 91 दिव्यांगों ने पंजीकरण कराया, जिनकी नापी ली गई। चिकित्सीय परीक्षण और मूल्यांकन के बाद 55 दिव्यांग कृत्रिम अंगों के लिए योग्य पाए गए। पहले चरण में 30 को अंग वितरित किए गए, जबकि शेष को अगले चरण में जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
डीएम मिथिलेश मिश्र ने संबोधन में कहा, “जिला प्रशासन समाज के हर कमजोर पंक्ति – चाहे दिव्यांग हों, विधवा हों या अन्य वंचित – के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। कृत्रिम अंग वितरण का उद्देश्य सिर्फ शारीरिक सहारा देना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और गतिशीलता लौटाना है। इससे दिव्यांग भाई-बहन परिवार और देश की प्रगति में योगदान दे सकेंगे।”

संस्था का योगदान और प्रमुख अतिथि
भारत विकास एवं संजय आनंद दिव्यांग अस्पताल के सहयोग को डीएम ने खास तारीफ दी। संस्था के महासचिव पद्मश्री विमल जैन ने कहा, “हमारा मिशन है हर दिव्यांग को नई जिंदगी देना। पटना से लखीसराय तक यह सफर साझा प्रयासों से संभव हुआ।” अन्य अतिथियों में सर्जन डॉ. एस.एस. झा, मैनेजिंग ट्रस्टी विवेक माथुर, ट्रस्टी अमर कसेरा, संजय ड्रोलिया, प्रबंधक रोहित कुमार, निधि माथुर, रेखा कसेरा, नीतू ड्रोलिया और लखीसराय मारवाड़ी अग्रवाल पंचायत अध्यक्ष राजेश हरितवाल शामिल रहे।
दिव्यांगों की प्रेरक कहानियां
कृत्रिम अंग पाने वालों में जितेंद्र चौधरी ने भावुक होकर कहा, “हाथ खराब होने से मजदूरी नहीं कर पाता था। अब परिवार का सहारा बनूंगा।” वहीं विलायती तांती बोलीं, “पैर न होने से घर से बाहर नहीं निकल पाती थी। यह अंग मेरी आजादी लौटा देगा।” इन 30 दिव्यांगों के चेहरों पर आत्मविश्वास और खुशी साफ नजर आ रही थी।

कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण बंदना पाण्डेय और हब जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने किया। इसमें जिला समन्वयक एनएनएम कन्हैया कुमार, जिला परियोजना सहायक सौरव कुमार और लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी की मुख्य भूमिका रही।
बिहार में दिव्यांग सशक्तिकरण की बड़ी तस्वीर
बिहार में करीब 25 लाख दिव्यांग हैं (2023 जनगणना के अनुसार)। राज्य सरकार की दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना के तहत कृत्रिम अंग, पेंशन और कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। लखीसराय जैसे जिले इस दिशा में अग्रणी हैं। डीएम मिश्र ने बताया कि अगले चरण में ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर भी वितरित होंगी।

भविष्य की योजनाएं और संकल्प
अतिथियों ने आशा जताई कि ऐसे प्रयासों से दिव्यांग समाज की मुख्यधारा में शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने वोकेशनल ट्रेनिंग कैंप और नियमित मेडिकल चेकअप की घोषणा की। पद्मश्री विमल जैन ने कहा, “यह शुरुआत है, हम 1000 दिव्यांगों तक पहुंचेंगे।”
यह कार्यक्रम लखीसराय के लिए गौरव का विषय है। जिला प्रशासन का संकल्प है कि कल्याणकारी योजनाएं लगातार जारी रहेंगी।
रिपोर्ट : कृष्णदेव प्रसाद यादव, लखीसराय
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