लखीसराय। जिला विधिज्ञ संघ, लखीसराय के चुनावी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है। पहले जहां 24 जनवरी 2026 को मतदान की घोषणा की गई थी, वहीं अब बिहार स्टेट बार काउंसिल, पटना ने जारी पत्र के आधार पर चुनाव की पूरी प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में निवर्तमान महासचिव सुबोध कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बड़ा खुलासा किया है।

बार काउंसिल ने चुनाव प्रक्रिया पर लगाई रोक
सुबोध कुमार ने बताया कि बिहार बार काउंसिल, पटना के पत्रांक 18-24, दिनांक 4 जनवरी 2026 के आलोक में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “22 जनवरी को तथाकथित अवैध कमेटी द्वारा कराए जा रहे चुनाव को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है।”
सुबोध कुमार के अनुसार, जो कमेटी वर्तमान में चुनाव कराने का दावा कर रही है, उसे बार काउंसिल ने अवैध घोषित कर दिया है और किसी भी प्रकार की मान्यता देने से इनकार किया है।
व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थ का आरोप
निवर्तमान महासचिव ने कहा कि कुछ अधिवक्ता संघ की मूल भावना और संविधान के विपरीत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “संघ को अस्थिर करने के लिए मनमाने और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित लोग निराधार आरोप लगाकर संघीय व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।”
सुबोध कुमार का कहना है कि ऐसे व्यवहार से संघ की गरिमा और अधिवक्ता समाज की एकता दोनों को ठेस पहुंच रही है।
अब बार काउंसिल के आदेश का इंतजार
बताया जा रहा है कि बार काउंसिल ने इस पूरे विवाद पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है और चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए हैं। इस निर्णय से अब संघ का माहौल उत्साह से असमंजस में बदल गया है। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक स्टेट बार काउंसिल का अंतिम आदेश नहीं आ जाता, तब तक किसी भी तरह का चुनाव कराना उचित नहीं होगा।
अधिवक्ता समाज में इंतजार की घड़ी
फिलहाल, लखीसराय जिला विधिज्ञ संघ का भविष्य बिहार बार काउंसिल, पटना से आने वाले अगले आदेश पर निर्भर करता है। अधिवक्ता समुदाय की निगाहें अब उस निर्देश पर टिकी हैं, जिससे संघ में स्थिरता और स्पष्टता बहाल हो सके।
रिपोर्ट : कृष्णदेव प्रसाद यादव, लखीसराय
यह भी पढ़ें – Saharsa : अपराधियों का तांडव! घर से बहार घसीटकर मारी गोली, जमीन विवाद बना वजह


























