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Aurangabad : नये DM के आने से उम्मीद: औरंगाबाद जनता दरबार में भारी भीड़

Aurangabad: Hope with the arrival of the new DM: Huge crowd at Akhtar Mahasabha Darbar

औरंगाबाद, बिहार, 17 जनवरी 2026: बिहार के औरंगाबाद जिले में नई जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के आगमन ने प्रशासनिक व्यवस्था में नया जोश भर दिया है। उनके निर्देश पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह द्वारा आयोजित जनता दरबार में जिले भर से सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। यह नजारा डीएम के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे को साफ दर्शाता है।

जनता दरबार का शुभारंभ: डीएम के सक्रिय निर्देश

डीएम अभिलाषा शर्मा ने पदभार संभालते ही जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का संकल्प लिया। उनके स्पष्ट निर्देश पर अपर समाहर्ता ने यह जनता दरबार आयोजित किया, जिसका उद्देश्य आम आदमी की समस्याओं को सीधे सुनना और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है। विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने लिखित शिकायतें सौंपीं, जिसमें अनुदान वितरण में भ्रष्टाचार, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज में देरी, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की परेशानी, पैक्स अध्यक्ष की मनमानी, अतिक्रमण हटाने, जल निकासी की खराब व्यवस्था और आवास सहायकों द्वारा रिश्वत मांगने जैसी गंभीर समस्याएं शामिल रहीं।

ग्रामीणों की प्रमुख शिकायतें: गांव-गांव की पीड़ा

किसान कॉलेज पौथु के राजेंद्र यादव ने अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर गबन का आरोप लगाते हुए जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। सोहर बिगहा निवासी शिव मेहता ने एनएचएआई से लंबित भुगतान समय पर दिलाने की गुहार लगाई। मंजुराही गांव के प्रयाग पासवान ने भूमि बंदोबस्त में हो रही अनियमितताओं पर परिवाद दर्ज कराया।

सरडीहा कला के वीरेंद्र राम ने फर्जी वंशावली बनाकर गांव में अशांति फैलाने का खुलासा किया, जबकि गम्हरिया के देवलाल पासवान ने पीएम आवास योजना के लाभुकों से आवास सहायकों द्वारा अवैध रिश्वत वसूली की शिकायत की। इसके अलावा दर्जनों ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए, जो जिले के ग्रामीण विकास की सच्चाई बयां करते हैं।

अपर समाहर्ता की सख्ती: तत्काल जांच और समयबद्ध कार्रवाई

अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह ने हर शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों को तुरंत जांच शुरू करने के आदेश दिए। उन्होंने निष्पक्षता और समयबद्धता पर जोर देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परिवादों की साप्ताहिक समीक्षा होगी। निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई। यह कदम न केवल लोगों में विश्वास जगाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार पर अंकुश भी लगाएगा।

आगे की राह: पारदर्शी प्रशासन की नई शुरुआत

नई डीएम के नेतृत्व में औरंगाबाद प्रशासन अब जनकेंद्रित हो रहा है। जनता दरबार जैसे आयोजन नियमित रूप से होंगे, ताकि छोटी-बड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो सके। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें लिखित रूप में दें, जिससे रिकॉर्ड रखा जा सके और फॉलो-अप सुनिश्चित हो। यह बदलाव जिले के विकास और शासन में पारदर्शिता की नई मिसाल बन सकता है।

रिपोर्ट: दीनानाथ मौआर, औरंगाबाद (बिहार)

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