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T20 World Cup: Mahendra Singh Dhoni करेंगे कमेंट्री – खुद किया बड़ा खुलासा

T20 World Cup: Mahendra Singh Dhoni will commentate - he himself made a big revelation

भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक, एमएस धोनी ने हाल ही में कमेंट्री में दिलचस्पी न रखने का कारण बताया है। हालाँकि क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद कई पूर्व खिलाड़ी खेलने के अलावा टीवी कमेंट्री या विश्लेषण में भी सक्रिय रहते हैं, धोनी ने अपनी ओर से साफ़ कहा है कि वह इस दिशा में कदम नहीं उठाना चाहते।

धोनी ने क्यों कहा “ना” कमेंट्री को?

धोनी ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह कमेंट्री के काम को चुनने में सहज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कमेंट्री करने के लिए उच्च स्तर की जानकारी, रिकॉर्ड रखने की क्षमता और लगातार सोचते रहने की जरूरत होती है, ऐसे कौशल वह खुद में पर्याप्त नहीं मानते। इसके अलावा उन्होंने खुद को एक “थोड़ा awkward (संकोचशील)” व्यक्ति बताया जो फोन कॉल और मीडिया-भरे इंटरैक्शन में अक्सर सहज नहीं होता।

उन्होंने यह भी बताया कि कमेंट्री बॉक्स में बैठकर खेल पर प्रतिक्रिया देना उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं है, और वे पब्लिक भूमिका में ज्यादा बातचीत से बचते हैं।

धोनी की प्राथमिकताएँ अब क्या हैं?

  • रिटायरमेंट के बाद धोनी ने अपनी निजी ज़िंदगी को ज्यादा प्रायोरिटी दी है और मीडिया-भरे रोल से दूरी बनाई है।
  • वह आईपीएल में अभी भी खेलते हुए दिखाई देते हैं, लेकिन मीडिया या कमेंट्री-जैसे रोल में रुचि नहीं रखते।
  • धोनी को ड्रामा-लेस ज़िंदगी पसंद है, जहाँ वे सिर्फ खेल को समझकर आनंद ले सकें।

फैंस की प्रतिक्रिया

धोनी के फैसले का क्रिकेट फैंस ने अलग-अलग तरह से समर्थन और आश्चर्य व्यक्त किया है। बहुत से लोग उनके शांत स्वभाव और निजी पसंद को समझते हैं, जबकि कुछ चाहते हैं कि क्रिकेट-प्रेमी उन्हें कमेंट्री या विश्लेषण में भी देखें।

धोनी के फैंस के अनुसार, उनके पास इतिहास के सबसे रोमांचक खेल अनुभवों में अनुभव है, और वह इसे समझते हुए भी उस अनुभव को कमेंट्री में व्यक्त करना चाहते होंगे — लेकिन खुद को कमेंट्री रोल के लिए अनुकूल न मानना उनका व्यक्तिगत निर्णय है।

महेंद्र सिंह धोनी ने स्पष्ट कर दिया है कि कमेंट्री बॉक्स उनके लिए नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह का काम उनकी प्रकृति और कौशल के अनुरूप नहीं है और वह अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीना पसंद करते हैं। चाहे वे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में कमेंटेटर के रूप में न दिखें, लेकिन उनके फैसले का सम्मान करने वाले लोग दुनिया भर में मौजूद हैं।

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