T20 World Cup 2026 में टीम इंडिया का सफर अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया है। सुपर-8 राउंड में दक्षिण अफ्रीका से मिली बड़ी हार के बाद भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने पर सवाल उठने लगे हैं। अगर भारत सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ पाता, तो उसे ICC की प्राइज मनी जरूर मिलेगी, लेकिन सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों की तुलना में यह रकम काफी कम होगी।
सुपर-8 से बाहर होने पर कितनी मिलेगी रकम?
रिपोर्ट्स के मुताबिक टी20 वर्ल्ड कप के प्राइज पूल का स्ट्रक्चर लगभग पिछले एडिशन जैसा रहने की उम्मीद है।
- सुपर-8 से बाहर होने वाली टीम को करीब 3.8 लाख डॉलर (लगभग ₹3–4 करोड़) मिल सकते हैं।
- यह रकम ICC की गारंटीड प्राइज मनी का हिस्सा होती है।
यानी भारत अगर सेमीफाइनल में नहीं पहुंचता, तब भी खाली हाथ नहीं लौटेगा, लेकिन संभावित बड़ी कमाई का मौका जरूर छूट जाएगा।
कुल प्राइज मनी कितनी है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:
- कुल प्राइज पूल लगभग 13–13.5 मिलियन डॉलर (करीब ₹120 करोड़) के आसपास बताया जा रहा है।
- विजेता टीम को सबसे बड़ा हिस्सा मिलता है।
इससे साफ है कि आगे बढ़ने वाली टीमों को काफी ज्यादा आर्थिक फायदा होता है।
सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंचने का फायदा
- सेमीफाइनलिस्ट टीमों को ज्यादा प्राइज मनी मिलती है।
- रनर-अप और विजेता को सबसे बड़ी राशि मिलती है।
- हर स्टेज आगे बढ़ने पर कमाई कई गुना बढ़ जाती है।
इसलिए सुपर-8 से बाहर होना सिर्फ खेल के लिहाज से नहीं बल्कि आर्थिक तौर पर भी नुकसान माना जाता है।
भारत की स्थिति क्यों चर्चा में?
- ग्रुप स्टेज में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया।
- लेकिन सुपर-8 में शुरुआती हार से दबाव बढ़ गया।
- अब हर मैच सेमीफाइनल की रेस तय करेगा।
अगर टीम इंडिया सुपर-8 से बाहर होती है तो उसे ICC से करोड़ों रुपये की प्राइज मनी जरूर मिलेगी, लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंचने पर मिलने वाली बड़ी रकम से वह वंचित रह जाएगी। इसलिए आने वाले मैच भारत के लिए सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं बल्कि प्रतिष्ठा और आर्थिक लिहाज से भी बेहद अहम हैं।
यह भी पढ़ें – चोटिल हैं Abhishek Sharma, टीम इंडिया ने छिपाया इतना बड़ा सच


























