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‘भारत से रिश्ते’, India-Bangladesh क्रिकेट रिश्तों पर खेल मंत्री का बड़ा बयान

'Relations with India', Sports Minister's big statement on India-Bangladesh cricket relations

ढाका/नई दिल्ली India-Bangladesh: बांग्लादेश के नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने भारत के साथ क्रिकेट संबंधों को लेकर अहम बयान दिया है। हाल के विवादों के बाद दोनों देशों के क्रिकेट रिश्तों में आई दूरी को लेकर उन्होंने साफ कहा कि अब रिश्तों को सुधारने की जरूरत है। उनके बयान के बाद क्रिकेट और कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

खेल मंत्री का बड़ा बयान

“भारत हमारे लिए पड़ोसी और अहम क्रिकेट साझेदार है। हम पुराने मतभेद भुलाकर नए सिरे से रिश्ते बेहतर करना चाहते हैं, क्योंकि खेल लोगों को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है।” उनके इस बयान को भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच फिर से सहयोग और सीरीज बढ़ सकती हैं।

पिछले विवादों से बढ़ी दूरी

पिछले कुछ समय में क्रिकेट प्रशासन, टूर्नामेंट आयोजन और खिलाड़ियों की उपलब्धता जैसे मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए थे। इन घटनाओं ने क्रिकेट बोर्ड्स के रिश्तों को प्रभावित किया और फैंस के बीच भी निराशा देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवाद अगर समय रहते बातचीत से सुलझा लिए जाएं तो रिश्तों में खटास आने से बचा जा सकता है। क्रिकेट दोनों देशों में बेहद लोकप्रिय है, इसलिए सहयोग बनाए रखना जरूरी माना जाता है।

टी20 वर्ल्ड कप विवाद का असर

हालिया टी20 विश्व कप से जुड़े फैसलों और आयोजन को लेकर भी कुछ तनाव देखने को मिला था। इससे क्रिकेट संबंधों पर असर पड़ा और कई प्रस्तावित सहयोग योजनाएं भी प्रभावित हुईं।

हालांकि अब नए खेल मंत्री के बयान से यह संकेत मिल रहा है कि बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहता है। उनका मानना है कि खेल को राजनीति या विवादों से अलग रखना चाहिए।

भविष्य में क्रिकेट सहयोग की उम्मीद

अगर दोनों देशों के बोर्ड सकारात्मक बातचीत करते हैं तो आने वाले समय में द्विपक्षीय सीरीज, युवा क्रिकेट कार्यक्रम और अन्य सहयोग बढ़ सकते हैं। इससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और क्रिकेट फैंस को भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम भी है। इसलिए रिश्तों का सुधरना दोनों देशों के लिए फायदेमंद रहेगा।

बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक के बयान ने भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में नई उम्मीद जगाई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बातचीत और सहयोग के प्रयास किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और क्या आने वाले समय में दोनों देशों के बीच क्रिकेट रिश्ते पहले की तरह मजबूत हो पाते हैं।

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