पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को आगामी ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच से जुड़े विवाद पर “सभी विकल्प खुले रखने” का निर्देश दिया है, जिसमें भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार (Boycott) करने पर भी विचार शामिल है।
यह मामला उस विवाद के बीच उभर रहा है जिसने टी20 वर्ल्ड कप पर सियासी और खेल प्रशासन संबंधी तनाव बढ़ा दिया है।
टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का फैसला अभी भी लटका हुआ
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और इंटीरियर मिनिस्टर मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद कहा कि सरकार ने “सभी विकल्पों को टेबल पर रखने” का फ़ैसला लिया है और अंतिम निर्णय 30 जनवरी (शुक्रवार) या 2 फ़रवरी (सोमवार) तक होने की संभावना है।
इन विकल्पों में शामिल है:
- पूरी टूर्नामेंट से हट जाना
- केवल भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार करना
- टूर्नामेंट में भाग लेना लेकिन किसी तरह का विरोध प्रदर्शन करना
हालाँकि, PCB ने आधिकारिक रूप से खेल से हटने की घोषणा नहीं की है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने भारत में खेल रहे मैचों को हटाने की मांग की थी — जिसके बाद ICC ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और स्कॉटलैंड को उनके स्थान पर शामिल किया गया।
पाकिस्तान ने ICC के इस कदम की आलोचना की और इसे डबल स्टैंडर्ड कहा। PCB ने आरोप लगाया कि भारत को पहले ही सुरक्षा कारणों के आधार पर कई टूर्नामेंटों में न्यूट्रल वेन्यू पर खेलने की अनुमति दी गई थी।
संभावित परिणाम
अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हट जाता है तो न केवल उसे दो अंक गंवाने होंगे, बल्कि ICC से संभावित सज़ाएं भी मिल सकती हैं, जिसमें द्विपक्षीय श्रृंखलाओं पर प्रतिबंध और बड़े टूर्नामेंटों में भागीदारी पर असर भी शामिल है।
प्रतिक्रिया और स्थिति
इस विवाद पर BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान बांग्लादेश को संकट में डाल रहा है और इस मामले को राजनीतिक रूप से बिगाड़ रहा है।
दूसरी ओर, कुछ सूत्रों ने कहा है कि पाकिस्तान अंततः भारत के खिलाफ मैच खेलेगा, लेकिन कुछ विरोधी बयान भी जारी किए जा सकते हैं ताकि एक सन्देश दिया जा सके।
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