Relationship Expert Advice: आजकल के दौर में रिलेशनशिप के पैटर्न बदलते जा रहे हैं. कुछ लोग एक से ज्यादा शारीरिक या रोमांटिक रिश्ते रखने को स्वीकार करते हैं, जबकि परंपरागत सोच इसे गलत मानती है, इस मुद्दे पर Relationship Experts और Psychologists का क्या कहना है, आइए जानते हैं.
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एक्सपर्ट की राय
प्रसिद्ध रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. शीफाली बत्रा के अनुसार, अगर सभी पार्टनर्स आपसी सहमति और स्पष्टता के साथ किसी रिश्ते में हैं, तो नैतिक रूप से उसे गलत नहीं कहा जा सकता. उनका कहना है कि रिश्ते में ईमानदारी और संवाद सबसे अहम है.
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और भावनात्मक समझ: Relationship Experts का कहना है कि किसी भी रिश्ते की सफलता स्वतंत्रता और समझ पर निर्भर करती है, अगर दोनों पार्टनर सहमति से रिलेशनशिप में हैं, तो इसे नैतिक दृष्टि से गलत नहीं कहा जा सकता.
मानसिक स्वास्थ्य पर असर: Psychologists के अनुसार, एक से ज्यादा रिश्तों में जुड़ने की कोशिश मानसिक तनाव, भ्रम और असुरक्षा पैदा कर सकती है. इसलिए जरूरी है कि व्यक्ति अपनी भावनाओं और मानसिक स्थिति को समझे.
पारदर्शिता और इमानदारी: एक से ज्यादा रिलेशन में ईमानदारी और पारदर्शिता बहुत जरूरी है, अगर पार्टनर को पता है और सहमति है, तो रिश्ते सुरक्षित और स्वस्थ रह सकते हैं.
सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव: Experts बताते हैं कि कई समाज और परिवार एक से ज्यादा रिश्तों को नकारात्मक दृष्टि से देखते हैं, इसलिए किसी भी कदम से पहले सामाजिक और कानूनी पहलुओं को समझना आवश्यक है.
संतुलन और प्राथमिकता: Relationship Coaches कहते हैं कि रिश्तों में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है, किसी भी प्रकार का Over-Involvement या धोखा लंबे समय में नकारात्मक परिणाम ला सकता है.
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